अल्मोड़ा-इंसान अपनी पीड़ा शब्दों में बयां कर सकता है लेकिन बेजुबान पशु अपनी तकलीफ किसी को बता नहीं सकते।सर्दी,बारिश और खराब मौसम के बीच खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर निराश्रित गोवंश की परेशानी को समझते हुए रेडक्रॉस परिवार ने एक बार फिर संवेदनशीलता और सेवा भाव का परिचय दिया।पांडे खोला में निराश्रित गोवंश के लिए तिरपाल का छप्पर बनाकर उसे मौसम की मार से बचाने का प्रयास किया गया।इस पहल के माध्यम से रेडक्रॉस से जुड़े लोगों ने यह संदेश दिया कि सेवा केवल मनुष्यों तक सीमित नहीं होनी चाहिए बल्कि उन बेजुबान जीवों के प्रति भी हमारी जिम्मेदारी है जो पूरी तरह इंसानी संवेदनशीलता और सहयोग पर निर्भर हैं।पशु बोल नहीं सकते,अपनी परेशानी बता नहीं सकते और न ही अपने लिए सुरक्षित आश्रय की व्यवस्था कर सकते हैं।ऐसे में उनकी चिंता करना और उनकी जरूरत के समय मदद के लिए आगे आना समाज की सच्ची मानवीय संवेदना को दर्शाता है।पांडे खोला में की गई इस पहल के दौरान रेडक्रॉस के प्रदेश उपाध्यक्ष मनोज सनवाल,यूथ रेडक्रॉस चेयरमैन अमित साह मोनू, यूथ रेडक्रॉस उपसचिव अभिषेक जोशी,एडवोकेट वंदना,अतुल पांडे,अनुज साह, प्रेमा बिष्ट,सागर,मनोज सहित अन्य लोग मौजूद रहे।सभी ने मिलकर निराश्रित गोवंश के आश्रय स्थल पर तिरपाल डालने में सहयोग किया।रेडक्रॉस परिवार की यह पहल बताती है कि समाज सेवा का अर्थ केवल जरूरतमंद इंसानों की सहायता करना ही नहीं, बल्कि उन बेजुबानों के प्रति भी दायित्व निभाना है जो अपनी रक्षा स्वयं नहीं कर सकते।किसी निराश्रित पशु को बारिश और खराब मौसम से बचाने के लिए किया गया छोटा-सा प्रयास भी उसके लिए बड़ी राहत बन सकता है।आज जब अक्सर लोग अपने व्यस्त जीवन में आसपास मौजूद जरूरतमंदों की परेशानियों को नजरअंदाज कर देते हैं ऐसे समय में बेजुबान गोवंश की चिंता करना और उसके आश्रय को सुरक्षित बनाने के लिए आगे आना सराहनीय पहल है।तिरपाल डालने का यह कार्य भले ही छोटा दिखाई दे लेकिन इसके पीछे छिपी संवेदना और सेवा का भाव कहीं अधिक बड़ा है।
रेडक्रॉस परिवार द्वारा समय-समय पर जरूरतमंदों की सहायता के लिए किए जाने वाले प्रयास समाज में सहयोग,करुणा और मानवीय मूल्यों को मजबूत करने का संदेश देते हैं।पांडे खोला में निराश्रित गोवंश के लिए की गई यह पहल भी इसी सेवाभाव की एक कड़ी है।गोवंश सहित अन्य निराश्रित पशुओं को सुरक्षित आश्रय, चारा और पानी उपलब्ध कराना सामूहिक सामाजिक जिम्मेदारी है।ऐसे कार्यों में स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों की भागीदारी से बेजुबान पशुओं को राहत मिल सकती है।रेडक्रॉस परिवार की इस पहल से प्रेरणा लेकर अन्य लोग भी अपने आसपास निराश्रित पशुओं की जरूरतों के प्रति संवेदनशील बन सकते हैं।सच्ची सेवा वही है जिसमें किसी प्रतिफल की अपेक्षा किए बिना किसी की परेशानी कम करने का प्रयास किया जाए।पांडे खोला में निराश्रित गोवंश के लिए तिरपाल डालने की यह पहल इसी भावना को दर्शाती है।बेजुबानों के प्रति दया,करुणा और जिम्मेदारी का यह संदेश समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए।

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