अल्मोड़ा-जिला चिकित्सालय अल्मोड़ा में फिजिशियन चिकित्सक की कमी को लेकर उत्तराखंड क्रांति दल ने मोर्चा खोल दिया है।उत्तराखंड क्रांति दल की युवा प्रकोष्ठ के महा नगर अध्यक्ष वंश कनवाल के नेतृत्व में दल के कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों ने आज जिला मुख्य चिकित्साधिकारी को ज्ञापन सौंपकर जिला चिकित्सालय में तत्काल फिजिशियन चिकित्सक की नियुक्ति किए जाने की मांग की,साथ ही चेताया है कि यदि सात दिनों में फिजिशियन की नियुक्ति नहीं हुई तो उत्तराखंड क्रांति दल आंदोलन-धरना देने को बाध्य हो जाएगा जिसकी ज़िम्मेदारी सरकार व प्रशासन की होगी।ज्ञापन में कहा गया कि जिला चिकित्सालय में तैनात फिजिशियन चिकित्सक के बदले दूसरे फिजिशियन की नियुक्ति किए बिना अल्मोड़ा जिला चिकित्सालय में तैनात फिजिशियन की अन्यत्र स्थानांतरण कर दिया गया है। उनके स्थान पर दूसरे फिजिशियन की नियुक्ति की जानी थी,बावजूद अभी तक नए चिकित्सक की तैनाती नहीं हो पाई है।इसका सीधा असर जिला चिकित्सालय पहुंचने वाले मरीजों पर पड़ रहा है और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श के लिए परेशान होना पड़ रहा है,जिला चिकित्सालय में रोजाना 200 से अधिक मरीजो की ओपीडी होती है।उत्तराखंड क्रांति दल के नेता विनय किरौला ने कहा कि अल्मोड़ा जैसे बड़े और महत्वपूर्ण पर्वतीय जिले के जिला चिकित्सालय में फिजिशियन का पद खाली रहना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यह केवल अल्मोड़ा नगर की स्वास्थ्य व्यवस्था का विषय नहीं है, बल्कि पूरे जिले और आसपास के पर्वतीय क्षेत्रों के लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर विषय है।अल्मोड़ा जिले का क्षेत्रफल 3,139 वर्ग किलोमीटर है और जिला प्रशासन के अनुसार यहां की कुल जनसंख्या 6,22,506 है। इनमें 5,49,106 लोग ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करते हैं। ऐसे में जिला मुख्यालय स्थित चिकित्सालय की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों से लोग विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा की उम्मीद लेकर जिला चिकित्सालय पहुंचते हैं। ऐसी स्थिति में महत्वपूर्ण विशेषज्ञ चिकित्सक का पद रिक्त रहना मरीजों के लिए बड़ी समस्या बन सकता है।केंद्रीय मंत्री यूकेडी गिरीश नाथ गोस्वामी ने कहा कि जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग का यह रवैया दुर्भाग्यपूर्ण है।स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधा को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती।जिला चिकित्सालय में फिजिशियन की तैनाती तत्काल होनी चाहिए,ताकि दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को समय पर विशेषज्ञ चिकित्सकीय सुविधा मिल सके।उन्होंने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में मरीजों को एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल तक ले जाना आसान नहीं होता।कई मरीज आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आते हैं और निजी अस्पतालों में महंगा उपचार कराने की स्थिति में नहीं होते। ऐसे में सरकारी जिला चिकित्सालय ही उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण सहारा होता है।दल ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी के समक्ष स्पष्ट रूप से मांग रखी कि जिला चिकित्सालय अल्मोड़ा में रिक्त फिजिशियन पद पर सात दिन के भीतर चिकित्सक की तैनाती सुनिश्चित की जाए। यूकेडी ने चेतावनी दी कि यदि सात दिनों के भीतर फिजिशियन की नियुक्ति नहीं की गई तो उत्तराखंड क्रांति दल द्वारा जनहित में व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा।यूकेडी नेताओं ने कहा कि आंदोलन की जिम्मेदारी पूरी तरह से संबंधित विभाग एवं प्रशासन की होगी। उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करना केवल सरकारी दायित्व नहीं बल्कि आम जनता के जीवन से जुड़ा विषय है और इसमें किसी प्रकार की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए।ज्ञापन सौंपने के दौरान विनय किरौला सहित उत्तराखंड क्रांति दल के अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। दल ने कहा कि सात दिन की समय-सीमा के भीतर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की अगली रणनीति घोषित की जाएगी।ज्ञापन देने वालो में उत्तराखंड क्रांति दल के केंद्रीय महामंत्री गिरीश नाथ गोस्वामी,यूकेडी नेता विनय किरौला,प्रताप सिंह बिष्ट,युवा प्रकोष्ठ नगर अध्यक्ष वंश कन वाल,अक्षय टम्टा,त्रिभुवन सिंह बिष्ट,महेंद्र कुमार,मोहित साह,सुजीत टम्टा आदि उपस्थित थे।

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