अल्मोड़ा-नगर में पिछले एक सप्ताह से गहराए पेयजल संकट को लेकर जनता का आक्रोश अब सड़कों पर दिखाई देने लगा है।लगातार हो रही पानी की किल्लत से परेशान लोगों की आवाज को बुलंद करते हुए उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) ने शुक्रवार को जल संस्थान कार्यालय पहुंचकर अधिशाषी अभियंता का घेराव किया और विभाग के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। यूकेडी नेता विनय किरौला के नेतृत्व में हुए इस विरोध प्रदर्शन में कार्यकर्ताओं ने जल संस्थान पर नगरवासियों की समस्याओं के प्रति लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए तत्काल नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की।प्रदर्शन के दौरान यूकेडी कार्यकर्ताओं ने कहा कि भीषण गर्मी और बरसात के बीच भी नगर के कई वार्डों में लोगों को कई-कई दिनों तक पेयजल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। महिलाएं,बुजुर्ग और बच्चे पानी के लिए इधर-उधर भटकने को मजबूर हैं।कई परिवार प्राकृतिक स्रोतों और निजी टैंकरों पर निर्भर हो गए हैं, जिससे आम लोगों की आर्थिक परेशानी भी बढ़ गई है।कार्यकर्ताओं ने कहा कि जल संकट अब केवल एक विभागीय समस्या नहीं बल्कि जनजीवन से जुड़ा गंभीर मुद्दा बन चुका है।यूकेडी नेता विनय किरौला ने कहा कि पिछले एक सप्ताह से नगर के अनेक मोहल्लों में पेयजल आपूर्ति पूरी तरह चरमरा गई है, लेकिन जल संस्थान के अधिकारी समस्या के समाधान के बजाय केवल आश्वासन देने में लगे हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग के अधिकारी आम जनता की परेशानियों को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं, जबकि लोग रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी पानी के अभाव से जूझ रहे हैं।उन्होंने कहा कि यदि समय रहते व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो आंदोलन को और अधिक व्यापक बनाया जाएगा।विनय किरौला ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि आने वाले दिनों में भी नगरवासियों को नियमित पेयजल उपलब्ध नहीं कराया गया तो उत्तराखंड क्रांति दल सबसे पहले जल संस्थान के अधिशाषी अभियंता के घर का पेयजल कनेक्शन काटने का काम करेगा।उन्होंने कहा कि जब तक अधिकारी स्वयं जनता जैसी परेशानी महसूस नहीं करेंगे,तब तक व्यवस्थाओं में सुधार की उम्मीद करना मुश्किल है।उन्होंने कहा कि यह चेतावनी केवल प्रतीकात्मक नहीं है,बल्कि जनता के हित में आंदोलन को निर्णायक रूप देने की तैयारी भी की जा रही है।उन्होंने जल संस्थान की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक ओर विभाग नियमित पेयजल उपलब्ध कराने में पूरी तरह विफल साबित हो रहा है,वहीं दूसरी ओर उपभोक्ताओं को पूरे महीने का पानी का बिल भेजा जा रहा है।उन्होंने कहा कि जब लोगों को कई दिनों तक पानी नहीं मिल रहा है तो पूरे महीने का बिल लेना पूरी तरह अनुचित है। विभाग को पहले नियमित और पर्याप्त जलापूर्ति सुनिश्चित करनी चाहिए,उसके बाद ही उपभोक्ताओं से पूर्ण शुल्क लेने का नैतिक अधिकार बनता है।यूकेडी नेता ने नगर के सभी घरेलू पेयजल कनेक्शनों पर मीटर लगाने की मांग भी उठाई। उनका कहना था कि मीटर आधारित व्यवस्था लागू होने से उपभोक्ताओं से वास्तविक जल उपयोग के अनुसार शुल्क लिया जा सकेगा और जिन क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति कम हो रही है, वहां लोगों को अनावश्यक आर्थिक बोझ नहीं उठाना पड़ेगा।उन्होंने कहा कि इससे जल संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा और विभाग की जवाबदेही भी तय होगी।प्रदर्शन के दौरान यूकेडी कार्यकर्ताओं ने कहा कि यदि विभाग ने शीघ्र ही जलापूर्ति व्यवस्था में सुधार नहीं किया तो पार्टी नगरभर में जनआंदोलन शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक वार्ड में जनता के साथ बैठकें आयोजित कर व्यापक आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर जल संस्थान कार्यालय का घेराव,धरना-प्रदर्शन तथा अन्य लोकतांत्रिक माध्यमों से संघर्ष तेज किया जाएगा।प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने जल संस्थान के अधिकारियों से तत्काल प्रभावित क्षेत्रों में नियमित जलापूर्ति बहाल करने, जल संकट के कारणों को सार्वजनिक करने तथा भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो,इसके लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने की मांग की।यूकेडी ने स्पष्ट किया कि यदि विभाग ने जनता की समस्याओं का समाधान नहीं किया तो आंदोलन चरणबद्ध तरीके से और अधिक उग्र किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और जल संस्थान की होगी।यूकेडी नेताओ ने आरोप लगाया कि 2024-25 में लगभग 13 करोड़ जिला प्लान से जल संस्थान को धन आवंटित हुआ,2025-26 में लगभग 12 करोड़ की धनराशि आवंटित की गई है,इसके अतिरिक रखरखाव के लिए 3.11 करोड़ की धनराशि आवंटित की गई हैं,बावजूद इसके मानसून आने से पूर्व ही हल्की बरसात में पेयजल को लेकर नगर में हाहाकार मचा हुआ है,करोड़ो का फ़िल्टर पम्प लगने के बाद भी मटमैला पानी आ रहा है, यूकेडी ने आरोप लगाया है कि करोड़ो की धनराशि विभाग द्वारा खपा दी गई है।इसके अतिरिक्त यूकेडी ने स्थानीय विधायक की भूमिका पर भी संदेह जताया है कि जिला प्लान से लेकर राज्य प्लान की बैठक में विधायक उपस्थित रहते हैं,करोड़ रुपये के बजट आवंटन की सारी जानकारी लिखित रूप से विधायक को प्रेषित की जाती हैं। कहा कि एक सप्ताह से नगर में पेयजल आपूर्ति नहीं हुई है और स्थानीय विधायक मौन हैं।यूकेडी ने जनता से आह्वाहन किया है कि मीटर लगने तक जितने दिन पानी आता है केवल उनते ही दिन का बिल भरे।अधिशासी अभियंता का घेराव करने में जिलाध्यक्ष यूकेडी दिनेश जोशी,केंद्रीय संयुक्त सचिव त्रिलोक लटवाल,यूकेडी नेता विनय किरौला,कार्यकारी अध्यक्ष पान सिंह लटवाल,छात्र इकाई यू सी एफ अध्यक्ष अभिषेक बनौला,कार्यालय प्रबंधक जगदीश जोशी,जिला मंत्री केदार बिष्ट जिला महामंत्री देवेश जोशी,सुजीत टम्टा,अक्षय टम्टा,मोहित साह सहित दर्जनों स्थानीय नागरिक उपस्थित थे।

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