अल्मोड़ा-जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के अल्मोड़ा परिसर स्थित विधि संकाय में वन अग्नि चौपाल आयोजित की गई। कार्यक्रम में विधि और शिक्षा संकाय के विद्यार्थियों ने भाग लेकर वनाग्नि से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी प्राप्त की। वन अग्नि प्रबंधन के सहायक नोडल अधिकारी गजेन्द्र कुमार पाठक ने पावर प्वाइंट प्रस्तुति के माध्यम से विद्यार्थियों को जंगलों में लगने वाली आग से होने वाले नुकसान, बढ़ते मानव-वन्यजीव संघर्ष, ग्लोबल वार्मिंग, जलवायु परिवर्तन, सूखते जल स्रोत और पिघलते ग्लेशियरों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों से वन अग्नि रोकथाम में सक्रिय सहयोग देने और लोगों को जागरूक करने की अपील की। कहा कि अधिकांश वनाग्नि की घटनाएं मानवीय लापरवाही के कारण होती हैं, जिन्हें जनसहभागिता से रोका जा सकता है। कार्यक्रम में विधि संकाय के संकायाध्यक्ष प्रोफेसर ए.के. नवीन ने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों को कम करने के लिए जंगलों को आग से बचाना बेहद जरूरी है। इस दौरान दलबीर लाल, डॉ. पी.एस. बोरा, प्रियंका देउपा, मंजू कापड़ी, डॉ. देवेंद्र चनियाल और ललिता रावत सहित विधि छात्र एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

