



अल्मोड़ा-धौलछीना से शेराघाट तक स्टेट हाईवे की बदहाल स्थिति को लेकर उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) ने मोर्चा खोल दिया है।रविवार को यूकेडी नेता विनय किरौला की अगुवाई में क्षेत्र के ग्रामीणों ने सड़क पर बने कई फीट गहरे गड्ढों में पौधरोपण कर लोक निर्माण विभाग के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। ग्रामीणों ने कहा कि सड़क पर जगह-जगह बने बड़े-बड़े गड्ढे राहगीरों और वाहन चालकों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं और कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं।ग्रामीणों के अनुसार बरसात से पहले लोक निर्माण विभाग की ओर से सड़क के गड्ढों को भरने के लिए पैचवर्क कराया गया था लेकिन कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि पैचवर्क के महज एक माह बाद ही सड़क की स्थिति फिर बदहाल हो गई है।इस संबंध में मंगलता क्षेत्र के जूनियर इंजीनियर से मोबाइल पर वार्ता की गई।जेई ने बताया कि बरसात से पूर्व स्टेट हाईवे पर गड्ढों को भरने के लिए पैचवर्क कराया गया था। उन्होंने यह भी बताया कि पैचवर्क से भरे गए गड्ढे सामान्यत एक सीजन तक चलते हैं।ग्रामीणों का कहना है कि यदि विभाग के दावे के अनुसार पैचवर्क एक सीजन तक चलना चाहिए था तो महज एक माह में सड़क पर दोबारा कई फीट गहरे गड्ढे कैसे बन गए। इससे सड़क निर्माण और मरम्मत कार्य की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।यूकेडी नेता विनय किरौला ने लोक निर्माण विभाग को चेतावनी देते हुए कहा कि धौलछीना से शेराघाट तक सड़क के गड्ढों को एक सप्ताह के भीतर भरने का कार्य शुरू नहीं किया गया तो अधिशासी अभियंता का घेराव किया जाएगा और धरना दिया जाएगा।उन्होंने कहा कि विभाग की लापरवाही के कारण ग्रामीणों और राहगीरों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।उन्होंने कहा कि सड़क क्षेत्र के लोगों के लिए आवागमन का प्रमुख माध्यम है लेकिन जगह-जगह बने गड्ढों के कारण वाहन चालकों को जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ रहा है। बारिश के दौरान गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा भी नहीं लग पाता, जिससे दुर्घटना का खतरा और बढ़ जाता है।पौधरोपण कर जताया विरोध विरोध प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने सड़क के गड्ढों में पौधे रोपकर विभाग और शासन को सड़क की बदहाल स्थिति का आईना दिखाया। ग्रामीणों ने मांग की कि सड़क की तत्काल मरम्मत कर गड्ढों को भरा जाए और पैचवर्क के बजाय टिकाऊ एवं गुणवत्तापूर्ण कार्य कराया जाए।कार्यक्रम में यूकेडी नेता विनय किरौला, पूर्व प्रधान लिंगुड़ता वीरेंद्र सिंह, उपप्रधान संजय सिंह चम्याल, प्रधान लिंगुड़ता पंकज पांडे, केसर सिंह मेहता, आशुतोष भट्ट, कमल नेगी, विजय सिंह, पंकज भट्ट, गोपाल नेगी, संजय भट्ट, दयाल भट्ट, इंद्र सिंह नेगी, संजय पूना, राजेंद्र प्रसाद, पूर्व प्रधान डुगरलेख मन सिंह चम्याल, हरपाल नेगी, दीपक भट्ट, केशव चंद्र भट्ट, हीरा बल्लभ भट्ट, नारायण सिंह चम्याल, केसर नेगी, हरीश राम सहित दर्जनों ग्रामीण मौजूद रहे।
