



अल्मोड़ा-नगर के रानीधारा स्थित श्री नर्मदेश्वर महादेव मंदिर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के तृतीय दिवस श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी।कथा व्यास आचार्य पंकज जोशी ने भगवान शिव एवं माता पार्वती के दिव्य एवं निष्कलुष प्रेम प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर कर दिया। कथा के दौरान मंदिर परिसर हर-हर महादेव और राधे-राधे के जयघोष से गूंज उठा।आचार्य पंकज जोशी ने अपने प्रवचन में भगवान शिव और माता पार्वती के आदर्श दांपत्य,त्याग,समर्पण तथा अटूट प्रेम की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं,बल्कि मानव जीवन को सदाचार, भक्ति और संस्कारों की दिशा देने का माध्यम है।उन्होंने बताया कि कथा के आगामी दिवस भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का सजीव एवं भक्तिमय वर्णन किया जाएगा। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से समय पर पहुंचकर श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का आनंद लेने एवं पुण्य लाभ अर्जित करने का आह्वान किया।कथा के दौरान संगीतमयी भजनों की मनमोहक प्रस्तुति ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। भजन-कीर्तन में उपस्थित श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूमते रहे और पूरे परिसर में भक्ति का अद्भुत माहौल बना रहा।श्रीमद्भागवत कथा के यजमान पंडित हरीश चंद्र जोशी ने नगर एवं आसपास के सभी श्रद्धालुओं से कथा में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर धर्म लाभ प्राप्त करने की अपील की। उन्होंने जानकारी दी कि 10 अगस्त को दोपहर 2 बजे से कथा स्थल पर विशाल महाभंडारे का आयोजन किया जाएगा।उन्होंने सभी भक्तों से महाभंडारे में शामिल होकर प्रसाद ग्रहण करने का आग्रह किया।इस अवसर पर रानीधारा नागरिक समिति के पदाधिकारियों एवं सदस्यों के साथ नगर के विभिन्न मोहल्लों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कथा श्रवण कर आध्यात्मिक आनंद एवं पुण्य लाभ प्राप्त किया।आयोजन समिति ने सभी श्रद्धालुओं के सहयोग एवं सहभागिता के लिए आभार व्यक्त किया।
