

अल्मोड़ा-सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय अल्मोड़ा के प्रथम दीक्षांत समारोह के सफल आयोजन पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सतपाल सिंह बिष्ट ने सभी सहयोगियों,जनप्रतिनिधियों,अधिकारियों,शिक्षकों,कर्मचारियों, विद्यार्थियों और अभिभावकों का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का पहला दीक्षांत समारोह एक दिव्य एवं भव्य अकादमिक आयोजन के रूप में संपन्न हुआ, जो विश्वविद्यालय के इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।प्रो. बिष्ट ने कहा कि इस आयोजन की सफलता में विश्वविद्यालय के कुलाधिपति एवं राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.),मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी,उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत तथा केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री एवं सांसद अजय टम्टा का मार्गदर्शन एवं सहयोग महत्वपूर्ण रहा।उन्होंने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके सहयोग से विश्वविद्यालय को नई दिशा और ऊर्जा मिली है।उन्होंने क्षेत्रीय विधायक मनोज तिवारी,महापौर अजय वर्मा,पद्मश्री बसंती देवी सहित विभिन्न राज्य विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की उपस्थिति को समारोह की गरिमा बढ़ाने वाला बताया।साथ ही विश्वविद्यालय की शैक्षिक परिषद एवं विद्यापरिषद के सदस्यों, अधिकारियों,संकायाध्यक्षों, विभागाध्यक्षों, परिसरों के निदेशकों,शिक्षकों,शिक्षणेत्तर कर्मचारियों,छात्रसंघ पदाधिकारियों,छात्र प्रतिनिधियों,जनप्रतिनिधियों, मीडिया कर्मियों,जिला प्रशासन और अभिभावकों के योगदान की सराहना की।कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय परिवार सभी के सहयोग से संस्थान को शिक्षा,शोध और नवाचार के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।उन्होंने बताया कि दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल कुलाधिपति एवं राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने सीमित संसाधनों के बावजूद विश्वविद्यालय द्वारा शोध, शैक्षणिक और अकादमिक गतिविधियों में किए जा रहे उत्कृष्ट कार्यों की सराहना की।उन्होंने कहा कि राज्यपाल ने विश्वविद्यालय में संचालित स्वामी विवेकानंद महात्मा गांधी आध्यात्मिक पर्यटन परिपथ अध्ययन केंद्र,हैप्पीनेस लैब, हरेला पीठ तथा लक्ष्मी देवी टम्टा महिला शोध अध्ययन केंद्र की गतिविधियों की भी प्रशंसा की है।राज्यपाल ने विश्वविद्यालय के चारों परिसरों में मूलभूत सुविधाओं के विकास तथा शैक्षणिक एवं संरचनात्मक व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने का आश्वासन दिया है। साथ ही विश्वविद्यालय के स्वरूप को अल्मोड़ा की सांस्कृतिक विरासत के अनुरूप विकसित करने की बात कही है।प्रो बिष्ट ने बताया कि विश्वविद्यालय के स्वामी विवेकानंद महात्मा गांधी आध्यात्मिक पर्यटन परिपथ अध्ययन केंद्र के संयोजक डॉ. चंद्रप्रकाश फुलोरिया एवं सह-संयोजक डॉ. ललित चंद्र जोशी ने काकड़ीघाट में राज्यपाल से भेंट की। इस दौरान राज्यपाल ने डॉ. जोशी को स्वामी विवेकानंद और काकड़ीघाट से जुड़े स्थलों पर शोधपरक पुस्तक तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि रामकृष्ण कुटीर, अल्मोड़ा के सहयोग से विश्वविद्यालय में स्थापित स्वामी विवेकानंद अध्ययन केंद्र की गतिविधियों को और प्रभावी ढंग से संचालित किया जाएगा।अंत में कुलपति प्रो. सतपाल सिंह बिष्ट ने विश्वविद्यालय परिवार की ओर से दीक्षांत समारोह की सफलता में योगदान देने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय भविष्य में भी शिक्षा, शोध और अकादमिक उत्कृष्टता के क्षेत्र में निरंतर प्रगति करता रहेगा।
