

अल्मोड़ा-पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने के उद्देश्य से मां नंदा सर्वदलीय महिला समिति की ओर से रविवार को डोली डाना के जंगल में व्यापक वृक्षारोपण अभियान चलाया गया।अभियान के दौरान समिति की महिलाओं ने रीठा,नींबू, वट (बरगद),बाज सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण कर उनके संरक्षण का भी संकल्प लिया।इस अवसर पर महिलाओं ने कहा कि बढ़ते प्रदूषण,जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए अधिक से अधिक पौधारोपण समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।समिति की अध्यक्ष मीना भैसोड़ा ने कहा कि पेड़-पौधे केवल पर्यावरण को शुद्ध नहीं करते,बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य की नींव भी रखते हैं।उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करने का संकल्प लेना चाहिए।समिति आगे भी समय-समय पर ऐसे जनजागरूकता और वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित करती रहेगी ताकि अधिक से अधिक लोगों को पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित किया जा सके।समिति की सचिव गीता मेहरा ने कहा कि प्रकृति का संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।यदि आज हम पर्यावरण के प्रति सजग नहीं हुए तो भविष्य में जल संकट,प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन जैसी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ेगा।उन्होंने कहा कि पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है,बल्कि उनकी नियमित देखभाल और संरक्षण भी उतना ही आवश्यक है।समिति की महिलाएं लगाए गए पौधों की निरंतर देखरेख करेंगी ताकि वे बड़े होकर पर्यावरण को समृद्ध बना सकें।वृक्षारोपण अभियान के दौरान महिलाओं ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए आमजन से भी अपने घरों, खेतों और सार्वजनिक स्थलों पर अधिक से अधिक पौधे लगाने की अपील की।कार्यक्रम में पौधों की उपयोगिता,जैव विविधता के संरक्षण और हरित आवरण बढ़ाने पर भी चर्चा की गई।
इस अवसर पर समिति की अध्यक्ष मीना भैसोड़ा,सचिव गीता मेहरा,बिमला बोरा, किरण शाह,गीता पांडे, लक्की वर्मा,मोहनी कनवाल, गीता आर्या,राखी मेहता,दीपा मेहरा सहित समिति की अनेक महिलाएं मौजूद रहीं। सभी ने पर्यावरण संरक्षण के इस अभियान को निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया।
