अल्मोड़ा-विवेकानंद पुरी वार्ड से लगे जनार्दन आईटीआई की सौ साल से पुरानी ऐतिहासिक भवन को हैरिटेज भवन के रूप में विकसित करने के संबंध में विवेकानंद पुरी वार्ड की पार्षद कमला किरौला के नेतृत्व में स्थानीय लोगों ने नगर निगम मेयर अजय वर्मा को ज्ञापन सौंपा।ज्ञापन के माध्यम से कहा गया कि विवेकानंद पुरी वार्ड से लगे जनार्दन आईटीआई के ऐतिहासिक भवन जिससे स्वामी विवेकानंद ने 1992 से 1898 तक अल्मोड़ा आगमन पर समय समय पर प्रवास किया था।इस ऐतिहासिक-हैरिटेज भवन में सौ साल से पुराना उस दौर की स्थापत्य की कला,चारो ओर से वनो से घिरे होने के कारण गर्मियों मे पर्यटको को लुभाने के साथ अल्मोड़ा की कला-संस्कृति व आध्यात्म को प्रदर्शित करने का बहुत सुंदर माध्यम है।वर्तमान मे पर्यटको को लुभाने की उच्च क्षमता के बावजूद यह ऐतिहासिक भवन आईटीआई का स्टोर रूम बना हुआ है,जो 100 सालो से अधिक पुरानी व स्वामी विवेकानंद की अल्मोङा प्रवास के इस भवन की घोर उपेक्षा है।हमारा यह प्रस्ताव है कि सौ साल से पुरानी व स्वामी विवेकानंद के 1890-1897 तक के अल्मोड़ा प्रवास के ऐतिहासिक इस भवन को हैरिटेज भवन घोषित कर विवेकानंद स्मारक व ध्यान के केंद्र के रूप मे विकसित किया जाए,ताकि न केवल दुनिया का वो पर्यटक जो स्वामी विवेकानंद से जुड़ा है,ध्यान की गहराईयो मे जाना चाहता है व ऐतिहासिक धरोहर मे रूचि रखता है,इस भवन मे प्रवास करे,जिससे स्थानीय लोगो को भी रोजगार मिले।सांस्कृतिक नगरी अल्मोड़ा मे यह भवन हैरिटेज सिटी के रूप मे अल्मोड़ा को विकसित करने का एक महत्वपूर्ण केंद्र होगा।मेयर नगर निगम अल्मोड़ा को उपरोक्त बावत कमला किरौला पार्षद विवेकानंद पुरी के नेतृत्व मे ज्ञापन दिया गया।मेयर ने इस प्रस्ताव पर आस्वस्त किया है कि जल्द ही वे उक्त स्थान का दौरा करेंगे तथा उक्त भवन को हैरिटेज भवन के रूप में विकसित कर विवेकानंद स्मारक व ध्यान केंद्र के रूप मे विकसित करने का पूर्ण प्रयास किया जायेगा।ज्ञापन देने वालों मे पार्षद कमला किरौला,सामाजिक कार्यकर्ता विनय किरौला,पप्पू दानू,सुजीत टम्टा,दीवान दानू,बलवंत दानू,मोहित साह,कांता दानू,खष्टी दानू,नीतिन टम्टा,गजेन्द्र बिष्ट आदि उपस्थित थे।इसके अतिरिक्त विवेकानंद कॉर्नर के नीचे के इलाके में दर्जनों परिवारो में बरसात के पानी की निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है।दर्जनों ज्ञापन देने के बावजूद अभी तक उक्त इलाके में पानी की निकासी की कोई व्यवस्था नहीं की गई है।यदि पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं की गयी तो उक्त इलाके में जोशीमठ जैसे हालात आपदा के हालात हो जायेगे।इसके अतिरिक्त साँस्कृतिक नगरी अल्मोड़ा के प्रदेश द्वार विवेकानंद कॉर्नर अल्मोड़ा का सूर्यास्त पॉइंट प्रशासनिक उदासीनता के कारण अव्यवस्थाओ का केंद्र बन गया है,जिसमे सेल्फी पाइट से लेकर पथ-प्रकाश व नो पार्किंग जोन में खड़ी गाड़ियों को हटाने की मांग की गई है।
