अल्मोड़ा-राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) 2026 के निरस्त होने के बाद देशभर में छात्रों और अभिभावकों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। इसी क्रम में अल्मोड़ा कांग्रेस महिला जिलाध्यक्ष राधा बिष्ट ने केंद्र सरकार और परीक्षा एजेंसियों पर तीखा हमला बोलते हुए इसे युवाओं के भविष्य के साथ बड़ा अन्याय बताया है। उन्होंने कहा कि लाखों छात्रों की वर्षों की मेहनत,परिवारों की उम्मीदें और मानसिक संघर्ष को सरकार ने पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया है।राधा बिष्ट ने प्रेस को जारी बयान में कहा कि जिस परीक्षा के लिए छात्र दिन-रात मेहनत करते हैं,कोचिंग संस्थानों में लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं और अभिभावक अपने सपनों को बच्चों की पढ़ाई से जोड़ते हैं,उसी परीक्षा में बार-बार गड़बड़ियां सामने आना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।उन्होंने कहा कि यह केवल परीक्षा निरस्त होने का मामला नहीं,बल्कि देश की शिक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक तंत्र की गंभीर विफलता का प्रमाण है।उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने में पूरी तरह असफल साबित हुई है।हर वर्ष किसी न किसी राष्ट्रीय परीक्षा में पेपर लीक,तकनीकी गड़बड़ी या भ्रष्टाचार के आरोप सामने आते हैं,लेकिन दोषियों पर कठोर कार्रवाई नहीं होती। इसका सीधा असर मेहनतकश विद्यार्थियों पर पड़ता है।राधा बिष्ट ने कहा कि आज देश का युवा मानसिक दबाव और असुरक्षा की स्थिति में है।छात्र दिन-रात कठिन परिश्रम करते हैं,लेकिन जब परीक्षा ही संदेहों के घेरे में आ जाए तो उनका आत्मविश्वास टूट जाता है।उन्होंने कहा कि लाखों विद्यार्थियों ने अपने भविष्य की उम्मीद नीट परीक्षा से जोड़ रखी थी,लेकिन परीक्षा निरस्त होने से उनमें भारी निराशा फैल गई है।उन्होंने कहा कि कई छात्र आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आते हैं।उनके माता-पिता खेती,मजदूरी या छोटे व्यवसाय कर बच्चों को पढ़ाते हैं।परीक्षा निरस्त होने के कारण छात्रों को दोबारा तैयारी, यात्रा और मानसिक तनाव का सामना करना पड़ेगा।सरकार को इस पीड़ा को समझना चाहिए।कांग्रेस महिला जिलाध्यक्ष ने मांग की कि परीक्षा में हुई गड़बड़ियों की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच कराई जाए और इसमें शामिल दोषियों को कठोर सजा दी जाए।उन्होंने कहा कि केवल जांच के नाम पर खानापूर्ति नहीं होनी चाहिए, बल्कि पूरे नेटवर्क का खुलासा होना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।उन्होंने कहा कि यदि सरकार युवाओं के हितों को लेकर गंभीर है तो परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे।साथ ही छात्रों को मानसिक और आर्थिक सहायता देने के लिए विशेष व्यवस्था भी की जानी चाहिए।
राधा बिष्ट ने कहा कि कांग्रेस पार्टी छात्रों और युवाओं के साथ मजबूती से खड़ी है।यदि सरकार ने जल्द कोई ठोस निर्णय नहीं लिया तो कांग्रेस सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन करेगी।उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने प्रदेश और देश के युवाओं से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठाने का आह्वान करते हुए कहा कि लोकतंत्र में युवाओं की आवाज सबसे बड़ी ताकत होती है।सरकार को यह समझना होगा कि शिक्षा और रोजगार जैसे मुद्दों पर लापरवाही देश के भविष्य को कमजोर करती है।

