अल्मोड़ा-चंद्रशेखर घोडके की अध्यक्षता में शुक्रवार को पुलिस लाइन सभागार में जनपद स्तरीय मासिक अपराध गोष्ठी एवं सैनिक सम्मेलन आयोजित किया गया।बैठक में अपराध नियंत्रण,साइबर अपराध,नशा तस्करी और लंबित विवेचनाओं के शीघ्र निस्तारण को लेकर सभी थाना प्रभारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।गोष्ठी की शुरुआत सैनिक सम्मेलन से हुई, जिसमें पुलिस कर्मियों की व्यक्तिगत एवं विभागीय समस्याएं सुनकर उनके त्वरित समाधान के निर्देश दिए गए। एसएसपी ने कार्मिकों को जीपीएफ का आवश्यकता पड़ने पर ही उपयोग करने तथा अपने वेतन खातों को पीएसपी (पुलिस सैलरी पैकेज) से जोड़ने के निर्देश दिए।बैठक में जनपद के विभिन्न थानों में दर्ज अपराधों, लंबित विवेचनाओं एवं शिकायतों की समीक्षा करते हुए सभी थाना प्रभारियों को मामलों का गुणवत्तापूर्ण और शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा गया। साथ ही डायल-112 से प्राप्त शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई, न्यायालय से जारी वारंटों की प्रभावी तामील तथा सीसीटीएनएस कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश भी दिए गए।एसएसपी ने ऑपरेशन प्रहार अभियान की थाना-वार समीक्षा करते हुए फरार,वांछित एवं पेशेवर अपराधियों की गिरफ्तारी में तेजी लाने को कहा।आईपीएल क्रिकेट मैचों के दौरान सट्टा एवं जुआ गतिविधियों पर सतर्क निगरानी रखने तथा आदतन अपराधियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।नशा तस्करी पर सख्त रुख अपनाते हुए सभी थाना एवं एसओजी प्रभारियों को स्मैक,गांजा और अन्य मादक पदार्थों की तस्करी में लिप्त आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने को कहा गया। वहीं बीट पुलिसिंग को सक्रिय बनाने, ई-बीट बुक अपडेट रखने तथा ग्राम प्रधानों व स्थानीय नागरिकों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी जोर दिया गया।यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए ओवरलोडिंग, शराब पीकर वाहन चलाने, रैश ड्राइविंग, बिना नंबर प्लेट, नाबालिग वाहन चालकों और रेट्रो साइलेंसर लगाने वालों के खिलाफ अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। महिलाओं एवं नाबालिगों के खिलाफ होने वाले अपराधों पर त्वरित कार्रवाई और जनजागरूकता बढ़ाने पर भी विशेष बल दिया गया।
साइबर अपराधों की बढ़ती घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए थाना प्रभारियों एवं साइबर सेल को साइबर शिकायतों पर त्वरित एफआईआर दर्ज कर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। गुम मोबाइल फोनों की रिकवरी, साइबर ठगी मामलों में धनराशि होल्ड कराने तथा तकनीकी साक्ष्य जुटाने पर भी विशेष जोर दिया गया। बैठक में ज्येष्ठ अभियोजन अधिकारी सुनीता भट्ट ने अभियोजन संबंधी महत्वपूर्ण बिंदुओं पर अधिकारियों का मार्गदर्शन किया।इस दौरान थाना सल्ट क्षेत्र में 10.380 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद कर एक अभियुक्त की गिरफ्तारी में सराहनीय भूमिका निभाने वाले हेड कांस्टेबल सुरेन्द्र कुमार को अप्रैल माह का एम्प्लॉय ऑफ दि मंथ चुना गया। इसके अलावा उत्कृष्ट कार्य करने वाले वरिष्ठ उपनिरीक्षक बिशन लाल, हेड कांस्टेबल दीपक सिंह महरा, जीवन चन्द्र, शिवराज सिंह राणा, पीयूष भट्ट, विद्या आर्या, कांस्टेबल सूरज कुमार, गिरीश प्रसाद, नीतू जाटव, रवि प्रताप, पुष्पा राणा, लक्ष्मण सिंह कोरंगा, चम्पा दानू, हरीश राम, खीमानन्द, विपिन बडोला, विध्याचल प्रसाद, गणेश पाण्डे, दर्शन गिरी एवं प्रताप राम सहित 21 अधिकारी एवं कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।गोष्ठी में अपर पुलिस अधीक्षक हरबंस सिंह, सीओ अल्मोड़ा बलवंत सिंह रावत, सीओ दूरसंचार राजीव टम्टा, सीएफओ नरेंद्र सिंह कुंवर, प्रतिसार निरीक्षक रमेश चंद्र, प्रभारी निरीक्षक योगेश चंद्र उपाध्याय, महिला कोतवाली प्रभारी जानकी भंडारी, निरीक्षक अशोक कुमार धनकड़, निरीक्षक मनोज भारद्वाज, निरीक्षक उमाशंकर पाण्डे, प्रभारी निरीक्षक मदन मोहन जोशी, अशोक कुमार, भुवन जोशी, विनोद जोशी, यातायात प्रभारी हयात सिंह, थानाध्यक्ष अजेन्द्र प्रसाद, सुनील सिंह बिष्ट, प्रमोद पाठक, कश्मीर सिंह, अवनीश कुमार, दिनेश नाथ महन्त, पीआरओ राहुल राठी, प्रभारी एसओजी सुनील धानिक सहित अन्य पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

