अल्मोड़ा-द्वाराहाट के मासर क्षेत्र में संचालित दोसाद नदी संरक्षण एवं जलागम विकास परियोजना के क्षमता निर्माण चरण के कार्यों का नाबार्ड की ओर से मूल्यांकन किया गया। इस दौरान परियोजना के अंतर्गत किए जा रहे जल संरक्षण और आजीविका संवर्धन संबंधी कार्यों की समीक्षा की गई। ग्रामीण समाज कल्याण समिति की ओर से आयोजित बैठक में नाबार्ड के कृषि क्षेत्र विकास विभाग के उपमहाप्रबंधक अभिनव कापड़ी ने मासर, छब्बीसा और चिललगांव के ग्रामीणों तथा ग्राम जलागम समिति के सदस्यों के साथ परियोजना की प्रगति पर चर्चा की। उन्होंने स्टेगर्ड कंटूर ट्रेंच, वनस्पति अवरोध, लूज बोल्डर चेक डैम और रिचार्ज पिट जैसे संरचनात्मक कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। साथ ही जलागम समिति के अभिलेखों और लेखा व्यवस्था की भी जांच की। अभिनव कापड़ी ने कहा कि नाबार्ड की जलागम विकास निधि के तहत संचालित परियोजना का उद्देश्य दोसाद नदी के संरक्षण के साथ जल संचयन को बढ़ावा देना, किसानों की आजीविका मजबूत करना और पलायन की समस्या को कम करना है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में किसानों की आय बढ़ाने के लिए अदरक और हल्दी की खेती को प्रोत्साहित किया जा रहा है तथा जुलाई-अगस्त में फलदार पौधों का रोपण भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि क्षमता निर्माण चरण अगस्त तक पूरा होने के बाद परियोजना के पूर्ण क्रियान्वयन के लिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार किया जाएगा। इसके बाद क्षेत्र की अन्य 11 ग्राम पंचायतों में भी परियोजना का विस्तार किया जाएगा। बैठक में ग्रामीण समाज कल्याण समिति के पदाधिकारी, तकनीकी विशेषज्ञ, ग्राम जलागम समिति के सदस्य तथा क्षेत्र के ग्रामीण मौजूद रहे।

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