


अल्मोड़ा-प्रेस को जारी एक बयान में व्यापार मंडल जिलाध्यक्ष सुशील साह ने कहा कि लगातार मीडिया के माध्यम से मेले में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए जा रहे थे लेकिन समय रहते संबंधित जिम्मेदारों द्वारा इसका संज्ञान नहीं लिया गया। मेले के दौरान झूला टूटने की हुई दुर्घटना ने मेले में सुरक्षा इंतजामों की गंभीरता पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। कहा कि माता रानी की कृपा से आज एक बड़ा हादसा टल गया लेकिन सवाल यह है कि आखिर कब तक सुरक्षा व्यवस्था के साथ समझौता होता रहेगा?मेले में आने वाले हजारों श्रद्धालुओं,स्थानीय लोगों और व्यापारियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।यदि बिना पर्याप्त फिटनेस,सुरक्षा मानकों और आवश्यक जांच के मेले अथवा झूलों को अनुमति दी गई है तो अनुमति देने वाले अधिकारियों और संबंधित जिम्मेदारों की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच कर जवाबदेही तय होनी चाहिए।यदि किसी प्रकार की आर्थिक लेन-देन या निर्धारित शुल्क से अलग कोई राशि लेकर अनुमति दिए जाने के आरोप हैं तो उनकी भी निष्पक्ष जांच हो और दोष सिद्ध होने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।सिर्फ ठेकेदार पर कार्रवाई कर पूरे मामले की जिम्मेदारी समाप्त नहीं होनी चाहिए।यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि अनुमति किसने दी,किन शर्तों पर दी गई, सुरक्षा मानकों की जांच किसने की और आयोजन की निगरानी की जिम्मेदारी किसकी थी।गाज केवल एक व्यक्ति पर गिरकर वास्तविक जिम्मेदार लोग बच जाएं, एसा नहीं होना चाहिए।इसके साथ ही मेले के कारण स्थानीय व्यापारियों की रोजी-रोटी और बाजार की व्यवस्था भी प्रभावित नहीं होनी चाहिए। अल्मोड़ा के हजारों व्यापारी इसी बाजार से अपना परिवार चलाते हैं। हजारों व्यापारियों की रोजी-रोटी से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ मंजूर नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि प्रशासन को किसी भी बड़े आयोजन की अनुमति देने से पहले व्यापार मंडल और स्थानीय व्यापारियों से वार्ता करनी चाहिए। मेला किसी एक व्यक्ति या कुछ लोगों का नहीं, बल्कि पूरे नगर का है। मेले से संबंधित आय-व्यय का पूरा विवरण भी सार्वजनिक किया जाना चाहिए, ताकि व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहे।जब अल्मोड़ा में ऐतिहासिक मल्ला महल मौजूद है, तो ऐसे सांस्कृतिक और धार्मिक आयोजन के लिए एडम्स स्कूल को ही आयोजन स्थल बनाए जाने पर भी विचार होना चाहिए। स्कूल में आयोजन से बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा से जुड़े सवाल उठते हैं। मल्ला महल में आयोजन होने से पूरे बाजार और नगर को इससे जोड़ने तथा अल्मोड़ा की संस्कृति और परंपरा को व्यापक रूप से सामने लाने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि हम मांग करते हैं कि दुर्घटना की निष्पक्ष जांच हो, सभी झूलों एवं मनोरंजन साधनों की फिटनेस और सुरक्षा मानकों की तत्काल जांच की जाए, पीड़ित व्यक्ति के इलाज का पूरा खर्च मेला समिति द्वारा वहन किया जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस व्यवस्था की जाए।
