अल्मोड़ा-केंद्रीय राज्य मंत्री सड़क परिवहन एवं राजमार्ग अजय टम्टा ने आज अल्मोड़ा कलेक्ट्रेट में आयोजित बैठक में क्वारब डेंजर जोन की समस्या पर गहन मंथन किया।उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मुद्दा केवल एक निर्माण कार्य नहीं,बल्कि जनसुरक्षा और क्षेत्रीय संपर्क का प्रश्न है जिसे लेकर सरकार और वे स्वयं अत्यंत गंभीर, संकल्पबद्ध और प्रतिबद्ध हैं।उन्होंने कहा कि टीएचडीसी द्वारा तकनीकी अध्ययन के पश्चात सुझाए गए समाधान के अनुसार कार्य दो चरणों में विभाजित किया गया है।प्रथम चरण में सड़क के नीचे के हिस्से में नदी से लेकर सड़क तक सुरक्षा दीवार निर्माण एवं एंकरिंग कार्य हेतु ₹17.14 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की जा चुकी है और कार्य युद्धस्तर पर प्रारंभ कर दिया गया है।द्वितीय चरण में सड़क के ऊपर हिल साइड ट्रीटमेंट के लिए ₹51.37 करोड़ की स्वीकृति सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा दी जा चुकी है,जिसे शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा।यह कार्य क्षेत्र की भौगोलिक जटिलताओं को ध्यान में रखते हुए अत्यंत वैज्ञानिक एवं स्थायी तरीके से किया जाएगा।इसके साथ ही आपातकालीन वैकल्पिक मार्ग के रूप में काकड़ीघाट-डोबा-चौसली मार्ग का सुधारीकरण भी तेजी से किया जा रहा है ताकि मानसून जैसे संवेदनशील मौसम में आवागमन बाधित न हो।इसके अतिरिक्त डोबा-चौसली-काकड़ीघाट मार्ग के किमी 2 पर स्थित पुल को एनएच-109 के किमी 53 बिंदु से जोड़ने के लिए प्रस्ताव सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को भेजा गया है।इसकी स्वीकृति भी शीघ्र हो जाएगी।टम्टा ने दोहराया कि क्वारब की समस्या के समाधान में धन की कमी कभी बाधा नहीं बनेगी और कार्य की प्रगति की नियमित समीक्षा कर रहे हैं।उन्होंने यह भी कहा कि सरकार क्षेत्र की भौगोलिक चुनौतियों और जनता की सुरक्षा को पूरी गंभीरता से लेते हुए त्वरित और प्रभावी निर्णय ले रही है।इस महत्वपूर्ण बैठक में जिलाधिकारी आलोक कुमार पांडेय,मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शासनी,एसडीएम संजय कुमार,राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिशासी अभियंताअशोक कुमार सहित संबंधित विभागों के सभी वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
