अल्मोड़ा-प्रैस को जारी एक बयान में उत्तरांचल पर्वतीय कर्मचारी शिक्षक संगठन जनपद अल्मोड़ा के अध्यक्ष डॉ मनोज कुमार जोशी एवम् सचिव धीरेन्द्र कुमार पाठक ने कर्मचारियों की आवाज बुलन्द करने के लिए सभी सहयोगी संगठनों का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि आज सभी के द्वारा आवाज बुलन्द करने का ही नतीजा है जो बारिश में स्कूलों के अवकाश में अब अध्यापकों एवं कर्मचारियों का भी अवकाश रहेगा।उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में आवाज उठने से शासन तंत्र भी सोचने को मजबूर हुआ।जो नुकसान हुये है उसकी भरपाई असंभव है। उत्तराखंड में सड़कों के किनारे पैराफिट व रैलिंग नहीं है व सड़क भी गड्ढा मुक्त नहीं है इसलिए भी हम सभी को मुहिम छेड़ने की आवश्यकता है।कार्मिक व शिक्षक से पहले राज्य के नागरिक भी है और इस राज्य के निर्माण कर्ता भी। राज्य निर्माण के लिए 94 दिन की हड़ताल की थी वह दिन अभी भूले नहीं हैं।अब सभी मुद्दों पर बेबाकी जरूरी है। आखिर राज्य बने दो दशक से भी अधिक समय हो गया है और जनता व कार्मिक सड़कों पर सुरक्षित नहीं है और केन्द्र सरकार कहती हैं कि पैसे की कमी नहीं है।लेकिन उत्तराखंड की दशा यह कहती हैं कि यहां पूर्ण पर्वतीय क्षेत्र में सड़कों के किनारे रैलिंग व पैराफिट की आवश्यकता है। इस हेतु भी अभियान चलाया जाएगा। सभी का जीवन महत्त्वपूर्ण है।इसे बचाने के लिए उत्तरांचल पर्वतीय कर्मचारी शिक्षक संगठन जनपद अल्मोड़ा कोई भी कोर कसर नहीं छोड़ना। राज्य सरकार के साथ साथ केंद्र सरकार को भी ज्ञापन भेजे जायेंगे। जब राज्य निर्माण के लिए आंदोलन किया जा सकता है तो राज्य के आधारभूत संरचना को सही करने के लिए दबाव बनाया जा सकता है।इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अध्यापक सचिन टम्टा का वाहन जिस स्थान पर दुर्घटना ग्रस्त हुआ है उस स्थान पर भी रैलिंग व पैराफिट लगाये जाये ताकि घटना की पुनरावृत्ति न हो और जनपद में सभी डेंजर स्थानों पर भी रैलिंग व पैराफिट लगाये जाये।

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