अल्मोड़ा-द्वाराहाट विधायक मदन बिष्ट ने अल्मोड़ा में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान राज्य सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए विभिन्न जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।उन्होंने कहा कि प्रदेश में सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन से लेकर भर्ती परीक्षाओं तक कई ऐसे मामले सामने आए हैं जिनसे जनता और युवाओं का विश्वास प्रभावित हुआ है।उन्होंने कहा कि विपक्ष का दायित्व है कि वह जनता से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाए और सरकार को जवाबदेह बनाए।प्रेस वार्ता में विधायक मदन बिष्ट ने सबसे पहले हाल ही में द्वाराहाट में आयोजित एक सरकारी शिविर का मुद्दा उठाया।उन्होंने आरोप लगाया कि उक्त कार्यक्रम के दौरान सरकारी प्रोटोकॉल का खुला उल्लंघन किया गया।उनका कहना था कि यह एक सरकारी कार्यक्रम था लेकिन उसमें भाजपा जिलाध्यक्ष मंच पर बैठे रहे जो स्थापित नियमों और प्रोटोकॉल के अनुरूप नहीं था।उन्होंने कहा कि उन्होंने कार्यक्रम के दौरान ही इस विषय पर आपत्ति दर्ज कराई थी और भविष्य में भी ऐसे मामलों को उठाते रहेंगे।विधायक बिष्ट ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकारी कार्यक्रमों और राजनीतिक गतिविधियों के बीच स्पष्ट अंतर होना चाहिए।यदि सरकारी आयोजनों में राजनीतिक हस्तक्षेप बढ़ता है तो इससे प्रशासनिक निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं।उन्होंने कहा कि सरकारी मंचों का उपयोग केवल निर्धारित प्रोटोकॉल और नियमों के अनुरूप ही होना चाहिए।एआई के दौर में किसी की भी आवाज और वीडियो बनाए जा सकते हैं
हाल ही में उनके नाम से जुड़े कथित अपशब्दों वाले वीडियो प्रकरण पर प्रतिक्रिया देते हुए विधायक मदन बिष्ट ने कहा कि वर्तमान समय कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का है और तकनीक इतनी उन्नत हो चुकी है कि किसी भी व्यक्ति की आवाज, तस्वीर या वीडियो को आसानी से परिवर्तित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि किसी भी ऑडियो या वीडियो को अंतिम सत्य मानने से पहले उसकी तकनीकी जांच आवश्यक है।प्रेस वार्ता के दौरान विधायक मदन बिष्ट ने केंद्र और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना जल जीवन मिशन पर भी सवाल उठाए।उन्होंने आरोप लगाया कि योजना के तहत कई क्षेत्रों में कार्यों की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं है और कई स्थानों पर जनता को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है।उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल योजनाओं के निर्माण और संचालन को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही हैं।कई जगह पाइपलाइनें क्षतिग्रस्त हैं, कहीं पानी की नियमित आपूर्ति नहीं हो रही है तो कहीं निर्माण कार्यों में गुणवत्ता को लेकर सवाल उठ रहे हैं।विधायक ने कहा कि इतनी बड़ी योजना में यदि अनियमितताओं की शिकायतें सामने आ रही हैं तो इसकी उच्चस्तरीय जांच कराई जानी चाहिए।उन्होंने सरकार से मांग की कि योजना के अंतर्गत हुए कार्यों का स्वतंत्र मूल्यांकन कराया जाए और यदि कहीं भी वित्तीय या तकनीकी अनियमितताएं पाई जाती हैं तो संबंधित अधिकारियों और एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।विधायक मदन बिष्ट ने प्रदेश में विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में सामने आए पेपर लीक मामलों को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा।उन्होंने कहा कि लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने युवाओं के भविष्य को संकट में डाल दिया है।मेहनत और लगन से तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों का मनोबल टूट रहा है और भर्ती प्रक्रियाओं की विश्वसनीयता प्रभावित हो रही है।उन्होंने कहा कि सरकार को केवल बयान देने के बजाय ठोस कदम उठाने चाहिए।भर्ती परीक्षाओं को पूर्ण रूप से पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाना चाहिए तथा दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।प्रेस वार्ता के अंत में विधायक मदन बिष्ट ने कहा कि जनप्रतिनिधि होने के नाते जनता से जुड़े मुद्दों को उठाना उनका कर्तव्य है।उन्होंने कहा कि चाहे वह पेयजल, रोजगार,शिक्षा,स्वास्थ्य या प्रशासनिक व्यवस्था का विषय हो वे जनता की समस्याओं को लगातार सरकार के समक्ष रखते रहेंगे।उन्होंने कहा कि विपक्ष की भूमिका केवल आलोचना करना नहीं बल्कि जनता की अपेक्षाओं और समस्याओं को शासन तक पहुंचाना भी है।उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जनहित के मुद्दों पर उनकी आवाज आगे भी मजबूती से उठती रहेगी और जनता के अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रहेगा।प्रेस वार्ता में कांग्रेस जिलाध्यक्ष भूपेन्द्र सिंह भोज, अल्मोड़ा विधायक मनोज तिवारी,महानगर अध्यक्ष तारा चंद्र जोशी,परितोष जोशी सहित कांग्रेस के अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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