

अल्मोड़ा-नगर में शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर दुर्गा महोत्सव समिति माल रोड चौघानपाटा जोशीखोला एवं थपलिया की ओर से आयोजित होने वाले दुर्गा महोत्सव को लेकर तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो गई हैं। मां भगवती की आराधना, धार्मिक परंपराओं के संरक्षण और प्राचीन लोक संस्कृति के पुनर्जीवन के उद्देश्य से आयोजित होने वाले इस महोत्सव को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल है।महोत्सव के लिए भव्य पंडाल तैयार किया जा रहा है। मां दुर्गा के नौ स्वरूपों को स्थानीय कलाकारों द्वारा साकार किया जा रहा है। वहीं, माता रानी के दरबार को पारंपरिक पटकों एवं पारंपरिक सजावट से सुसज्जित किया जा रहा है, जिससे उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने को मिलेगी। समिति का प्रयास है कि धार्मिक आस्था के साथ-साथ पुरानी परंपराओं को भी नई पीढ़ी तक पहुंचाया जाए।समिति के अध्यक्ष ने जानकारी देते हुए बताया कि नौ दिवसीय दुर्गा महोत्सव के लिए सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। इन नौ दिनों में मां भगवती की विधिवत पूजा-अर्चना, स्तुति, भजन संध्या एवं रात्रिकालीन सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। पूरा वातावरण मां दुर्गा की भक्ति और जयकारों से भक्तिमय रहेगा।महोत्सव का शुभारंभ 11 अक्टूबर को प्रातः 9 बजे चौघानपाटा स्थित पंडाल से भव्य शोभा एवं कलश यात्रा के साथ किया जाएगा। शोभायात्रा माल रोड होते हुए सिद्धनौला तक जाएगी और वहां से वापस महोत्सव स्थल पर पहुंचेगी। इसके पश्चात विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मां दुर्गा के स्वरूपों की स्थापना की जाएगी तथा धार्मिक अनुष्ठानों का शुभारंभ होगा।समिति के सदस्यों ने समस्त क्षेत्रवासियों से अपील की है कि वे अपने परिवारजनों के साथ पारंपरिक वेशभूषा में शोभायात्रा में सम्मिलित होकर इस धार्मिक आयोजन की शोभा बढ़ाएं। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं, युवाओं, बच्चों एवं बुजुर्गों से अधिक से अधिक संख्या में सहभागिता करने का आग्रह किया है।समिति अध्यक्ष ने कहा कि मां दुर्गा का यह महोत्सव केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, सांस्कृतिक संरक्षण और सामूहिक श्रद्धा का भी प्रतीक है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से नौ दिनों तक आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भाग लेने और मां भगवती का आशीर्वाद प्राप्त करने की अपील की।
