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अल्मोड़ा-पूर्व दर्जा मंत्री बिट्टू कर्नाटक इस नये साल में नशामुक्ति से सम्बन्धित जन-जागरूकता अभियान पूरी विधानसभा में चलाएंगे जिसकी शुरुआत 18 जनवरी वृहस्पतिवार को वे अपने कार्यालय में दोपहर 12 बजे से दूध जलेबी की वृहद पार्टी आयोजित कर करेंगे।इस दूध जलेबी पार्टी का मुख्य उद्देश्य यह है कि लोग शराब को छोड़कर दूध का सेवन करें।इस अवसर पर बिट्टू कर्नाटक ने कहा कि शराब के नशे के कारण पर्वतीय क्षेत्रों में आज लोग इसकी गिरफ्त में आ रहे हैं जिससे अनेक घर बर्बाद हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति में शराब के लिए कहीं कोई स्थान नहीं है। लेकिन आज शराब की गिरफ्त में आये ऐसे हजारों लोग हैं जिन्होंने इस नशे के कारण अपनी जवानी,अपने घर बर्बाद कर दिये हैं। उन्होंने कहा कि स्मैक,गांजा,चरस का नशा आज पहाड़ों में इतना बढ़ गया है कि उससे हमारे युवा जो अपने जीवन में बहुत कुछ कर सकते थे इस नशे रूपी दानव की गिरफ्त में आकर अपना कैरियर,अपना परिवार सब बर्बाद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम अपने युवाओं को जो मार्ग भटक गये हैं ऐसे ही नहीं छोड़ सकते। आवश्यकता है नशामुक्ति के लिए सार्थक पहल करने की।उन्होंने कहा कि इस वर्ष वे नशामुक्ति के लिए एक वृहद अभियान पूरी विधानसभा में चलाएंगे जिसके लिए पूरी विधानसभा में जा जाकर उनके द्वारा जन-जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इन जन जागरूकता कार्यक्रमों से यदि हम कुछ युवाओं,कुछ परिवारों को भी बचा पाए तो हमारी आने वाली पीढ़ी मजबूत होगी। उन्होंने अपील भी की कि नशे रूपी दानव को समाज से दूर करने के लिए आज आवश्यक है कि अपनी सामर्थ्य के अनुसार सभी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करवाएं। आज हमारी आवश्यक जिम्मेदारी है कि जिससे जितना हो सके हमारी भावी पीढ़ी को इस नशे रूपी दलदल में फंसने से रोक और जो इस नशे रुपी दानव के चंगुल में फंस चुके हैं उनको नशे के चंगुल से बाहर निकालें। श्री कर्नाटक ने वर्ष 2024 में सभी का आह्वान करते हुए यह प्रतिज्ञा लेने को कहा कि पूरे वर्ष अपनी भावी पीढ़ी को इस नशे रूपी दानव से सुरक्षित रखने के लिए पूरे सार्थक प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि वृहस्पतिवार को वे अपने कार्यालय से इस नशामुक्ति अभियान की शुरुआत करेंगे और विधानसभा के ग्राम पंचायत स्तर तक इस नशा मुक्त अभियान को लेकर जाएंगे। कर्नाटक ने कहा कि युवाओं को नशे की ओर बढ़ने से रोकना और जो युवा नशे की गिरफ्त में आ चुके हैं उन्हें इस दलदल से निकालना हमारी नैतिक जिम्मेदारी है साथ ही आज बेहद आवश्यक है कि नशामुक्ति अभियान को भाषणों से निकालकर धरातल पर ले जाया जाए।केवल भाषणों में नशामुक्ति की बात करने से अल्मोड़ा नशामुक्त नहीं होगा।इसके लिए विधानसभा के प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचना होगा और उन्हें इस नशे रूपी दलदल से दूर रखने के लिए मानसिक रूप से तैयार करना होगा। उन्होंने कहा कि सरकार को भी आवश्यक रूप से प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर स्टेडियम, व्यायामशालाओं का निर्माण कराना चाहिए ताकि युवाओं का ध्यान नशे की ओर ना जाकर शारीरिक गतिविधियों में जाए और स्वस्थ स्वास्थ्य के साथ स्वस्थ मस्तिष्क की भावना भी साकार हो।

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