






अल्मोड़ा- दर्जा राज्यमंत्री एडवोकेट गोविंद पिलख्वाल ने हवालबाग विकासखंड के बसगांव का भ्रमण कर ग्रामीणों के साथ चौपाल लगाई और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना। इस दौरान ग्रामीणों ने पेयजल, विद्युत आपूर्ति, तेंदुए के आतंक, मोटर मार्ग पर डामरीकरण सहित विभिन्न समस्याएं राज्यमंत्री के समक्ष रखीं।ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान के लिए राज्यमंत्री पिलख्वाल ने मौके से ही संबंधित अधिकारियों से दूरभाष पर वार्ता की और समस्याओं के निराकरण के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं के समाधान के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा।इस अवसर पर राज्यमंत्री गोविंद पिलख्वाल ने कहा कि देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल नेतृत्व में सरकार विकास को प्राथमिकता देते हुए कार्य कर रही है। सरकार का उद्देश्य विकास की योजनाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाना है।उन्होंने कहा कि इसी उद्देश्य के तहत सरकार द्वारा पूर्व में न्याय पंचायत स्तर एवं विकासखंड मुख्यालयों पर ‘जन-जन की सरकार, जनता के द्वार’ शिविरों का आयोजन किया गया, जिनमें बड़ी संख्या में लाभार्थियों को विभिन्न योजनाओं का लाभ मिला। शिविरों के माध्यम से लोगों की अनेक समस्याओं का मौके पर ही समाधान करने का प्रयास किया गया। इससे ग्रामीणों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़े और उनके समय की भी बचत हुई। आवश्यकता पड़ने पर सरकार द्वारा भविष्य में भी इस प्रकार के शिविरों का पुनः आयोजन किया जाएगा।चौपाल में ग्रामीणों ने क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति की समस्या, विद्युत व्यवस्था, तेंदुए के आतंक से सुरक्षा तथा मोटर मार्ग पर डामरीकरण सहित अन्य समस्याएं प्रमुखता से उठाईं। राज्यमंत्री ने सभी समस्याओं को प्राथमिकता से लेते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों से समन्वय कर समाधान कराने का आश्वासन दिया।इस दौरान ग्राम प्रधान कनेली नंदन उपाध्याय, बिशन कनवाल, राम सिंह रावत, सूरज सलाल, बालादत्त कांडपाल, उपप्रधान गोपाल दत्त कांडपाल, क्षेत्र पंचायत सदस्य नंद किशोर, गोविंद सलाल, मोहन कांडपाल, नारायण सिंह, प्रधान प्रतिनिधि कमलेश कांडपाल, लीलाधर कांडपाल, केशव कांडपाल, भुवन भट्ट, पूरन चंद कांडपाल, जगदीश कांडपाल, हरीश कांडपाल, नंदन कांडपाल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
