अल्मोड़ा-भाजपा नगर अध्यक्ष विनीत बिष्ट ने कांग्रेस जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह भोज के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि कांग्रेस की राजनीति अब इतनी हताश हो चुकी है कि उसे गरीब के घर जलने वाला दीपक भी प्रधानमंत्री का प्रचार नजर आने लगा है।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों द्वारा अपने घर के आगे दीप जलाना किसी पर थोपा गया राजनीतिक कार्यक्रम नहीं बल्कि उन परिवारों की खुशी और विश्वास की अभिव्यक्ति है, जिनके जीवन में योजनाओं के माध्यम से वास्तविक बदलाव आया है।कांग्रेस को अगर इस खुशी से भी तकलीफ है तो उसे जनता से माफी मांगनी चाहिए।विनीत बिष्ट ने कहा कि कांग्रेस बार-बार करदाताओं के पैसे की बात कर रही है।देश की जनता यह भी जानना चाहती है कि दशकों तक सत्ता में रहने के बावजूद कांग्रेस ने गरीबों के नाम पर चलने वाली योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए ऐसी व्यवस्था क्यों नहीं बनाई जैसी आज देखने को मिल रही है।सरकारी बजट जनता का पैसा है लेकिन उस पैसे को सही दिशा में लगाना सरकार की जिम्मेदारी और राजनीतिक इच्छाशक्ति का विषय है।पैसा पहले भी जनता का था लेकिन हर घर तक शौचालय,हर गरीब को पक्का मकान,महिलाओं को स्वरोजगार और अनेक परिवारों को योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचाने की गति और पारदर्शिता को जनता स्वयं देख रही है।उन्होंने कहा कि कांग्रेस को यह समझना चाहिए कि लाभार्थी किसी राजनीतिक दल की संपत्ति नहीं है।वह स्वतंत्र नागरिक है। यदि किसी महिला को लखपति दीदी बनने पर खुशी होती है,किसी परिवार को अपना पक्का घर मिलने पर प्रधानमंत्री को धन्यवाद देने का मन करता है या कोई युवा रोजगार मिलने पर अपनी खुशी जाहिर करता है, तो कांग्रेस यह तय करने वाली कौन होती है कि वह अपनी खुशी कैसे व्यक्त करे? विनीत बिष्ट ने कांग्रेस से सवाल किया कि क्या कांग्रेस को उन गरीब परिवारों से भी समस्या है जिनके घर में पहली बार पक्का मकान आया?क्या उन महिलाओं से भी परेशानी है जो स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आत्मनिर्भर हुईं? क्या उन परिवारों की खुशी भी कांग्रेस को राजनीतिक प्रचार दिखाई देती है?उन्होंने कहा कि कांग्रेस को दीपक से नहीं उस उजाले से परेशानी है जो वर्षों से उसके राजनीतिक अंधकार को जनता के सामने उजागर कर रहा है।विनीत बिष्ट ने कहा कि प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर दीप जलाने के कार्यक्रम का विरोध करने से कांग्रेस की बौखलाहट साफ दिखाई दे रही है।जिस कांग्रेस ने वर्षों तक योजनाओं के नाम पर राजनीति की वह आज लाभार्थियों की खुशी को भी राजनीति बता रही है।उन्होंने कहा कि आंदोलन की धमकी देने से कांग्रेस की जमीन पर स्थिति नहीं बदलने वाली। जनता अब भाषण नहीं परिणाम देखती है और परिणाम उसके सामने हैं।बिष्ट ने कांग्रेस नेताओं को सलाह देते हुए कहा कि यदि उन्हें सच में जनता की चिंता है तो वे दीपक बुझाने की राजनीति छोड़कर उन घरों में जाएं जहां सरकारी योजनाओं से खुशियां आई हैं।शायद तब उन्हें समझ आएगा कि गरीब की खुशी किसी पार्टी का प्रचार नहीं बल्कि सुशासन की सबसे बड़ी गवाही होती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *