अल्मोड़ा-आर्यन छात्र संगठन के जिलाध्यक्ष उज्जवल जोशी ने प्रेस को जारी एक बयान में कहा कि 4 जून को सिमकनी मैदान में आयोजित होने वाली राहुल गांधी की जनसभा को लेकर भाजपा के कुछ स्थानीय कार्यकर्ताओं द्वारा यह प्रचारित किया जा रहा है कि इससे छात्रों की परीक्षाओं और भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिन लोगों ने वर्षों तक छात्रों की वास्तविक समस्याओं पर मौन साधे रखा वे आज अचानक छात्रों के स्वयंभू हितैषी बनने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम भाजपा के नेताओं और कार्यकर्ताओं से पूछना चाहते हैं कि जब उत्तराखंड में एक के बाद एक भर्ती परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक हो रहे थे तब उनकी छात्र-हितैषी संवेदनाएं कहाँ थीं?जब हजारों युवाओं की मेहनत पर पानी फेरा जा रहा था,जब प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता पर प्रश्नचिह्न लग रहे थे तब वे क्यों मौन थे?जब प्रदेश के अनेक युवा भर्ती घोटालों और लगातार हो रही अनियमितताओं से निराश होकर मानसिक तनाव का सामना कर रहे थे तब भाजपा नेताओं ने छात्रों की आवाज़ उठाने के लिए क्या किया? उन्होंने कहा कि आज छात्रों के नाम पर राजनीति करने वाले उन सवालों का जवाब देने से बच नहीं सकते। जोशी ने कहा कि सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय परिसर सहित प्रदेश के विभिन्न महाविद्यालयों में छात्रों को परीक्षा व्यवस्था,परिणामों में देरी, प्रशासनिक अव्यवस्थाओं और शैक्षणिक सुविधाओं की कमी जैसी अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ता है।इन मुद्दों पर भाजपा के स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं की आवाज़ शायद ही सुनाई दी हो।छात्र हितों की इन वास्तविक समस्याओं पर उनकी चुप्पी आज भी बरकरार है। कहा कि स्पष्ट है कि छात्रों की चिंता भाजपा का वास्तविक उद्देश्य नहीं है।उद्देश्य केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम को विवादित बनाकर राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास करना है।

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