अल्मोड़ा-टैक्सी यूनियन ने प्राईवेट कार चालकों द्वारा सवारी भरकर ले जाने पर प्रशासन की ओर से कोई कार्यवाही ना करने पर गहरा रोष व्यक्त किया है। टैक्सी यूनियन के महासचिव नीरज पवार ने कहा कि टैक्सी के रोजगार से ही हजारों टैक्सी चालकों के परिवार की गुजर बसर होती है।ऐसे में अल्मोड़ा जिले में सरकारी विद्यालयों में पढ़ाने वाले सरकारी अध्यापक अपने निजी वाहन में अन्य शिक्षकों को बैठाकर विद्यालय ले जा रहे हैं।जिससे टैक्सी चालकों का व्यवसाय बुरी तरह प्रभावित हो गया है।उन्होंने कहा कि आज आलम यह है कि सोमेश्वर रूट में जहां पहले दर्जनों टैक्सियां स्कूल के अध्यापकों को लेकर जाती थी आज उस रूट पर एक भी सवारी नहीं है।क्योंकि विद्यालय के अध्यापक अपने निजी वाहन में अन्य अध्यापकों को ढोने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि टैक्सी चालक हजारों रूपये का टैक्स सरकार को देता है।ऐसे में यदि निजी वाहन चालक सवारी ढोने का काम करेंगे तो टैक्सी चालक कहां से टैक्स देगा और कहां से अपने परिवार का भरण पोषण करेगा। उन्होंने कहा कि कानूनी रूप से भी यह नियमों के विरुद्ध है कि निजी वाहन से सवारियां ढोई जाए। उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग को औचक सघन चैकिंग अभियान विद्यालय समय पर जिले की सभी सड़कों पर चलाना चाहिए और ऐसे निजी वाहन चालकों पर सख्त कार्यवाही करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उनके द्वारा लिखित और मौखिक रूप से प्रशासन को अनेक बार सूचित किया गया लेकिन उनकी कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई इसलिए अब वे न्याय के देवता गोलू देवता मन्दिर चितई की शरण में जाएंगे। उन्होंने कहा कि टैक्सी चालकों का यह शोषण बरदाश्त नहीं किया जाएगा और यदि अविलम्ब प्रशासन एवं परिवहन विभाग ने ऐसे निजी वाहन चालकों के खिलाफ कार्यवाही नहीं की तो टैक्सी यूनियन आन्दोलन को बाध्य होगी।इस अवसर पर टैक्सी यूनियन अध्यक्ष शैलेंद्र तिलारा,महासचिव नीरज पवार, उपाध्यक्ष गोपाल रावत,विनोद बिष्ट, भोज आदि लोग मौजूद रहे।

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