

अल्मोड़ा-जिला चिकित्सालय अल्मोड़ा के लिए एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है। अब अस्पताल में दूरबीन विधि (लेप्रोस्कोपिक सर्जरी) से पेट संबंधी ऑपरेशन प्रारंभ हो गए हैं, जिससे जिले सहित आसपास के ग्रामीण और पर्वतीय क्षेत्रों की जनता को उपचार के लिए मैदानी क्षेत्रों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। इस नई सुविधा के शुरू होने से स्थानीय स्तर पर आधुनिक चिकित्सा सेवाओं का विस्तार हुआ है और मरीजों को अब बेहतर उपचार अपने ही जिले में उपलब्ध हो सकेगा।जिला चिकित्सालय में वरिष्ठ जनरल सर्जन डॉ. अमित सुकोटी एवं उनकी टीम ने पहली बार सफल Laparoscopic Appendectomy कर अस्पताल में नई चिकित्सा व्यवस्था की शुरुआत की है। जानकारी के अनुसार शुभम पाण्डे नामक 22 वर्षीय युवक पिछले तीन महीनों से तेज पेट दर्द से पीड़ित था। सफल ऑपरेशन के बाद मरीज एवं उसके परिजनों ने चिकित्सकों और पूरी टीम का आभार व्यक्त किया। डॉ. अमित सुकोटी ने बताया कि सीमित संसाधनों के बावजूद उनकी टीम ने यह सफल ऑपरेशन किया तथा ऑपरेशन के एक दिन बाद ही मरीज को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। उन्होंने बताया कि भविष्य में हर्निया के मरीजों का भी IPOM विधि से उपचार शुरू किया जाएगा।विशेषज्ञों के अनुसार लेप्रोस्कोपिक सर्जरी आधुनिक तकनीक पर आधारित ऑपरेशन पद्धति है, जिसमें छोटे चीरे लगाकर ऑपरेशन किया जाता है। इस विधि से मरीज को कम दर्द होता है, रक्तस्राव कम होता है तथा वह सामान्य ऑपरेशन की तुलना में जल्दी स्वस्थ हो जाता है। साथ ही मरीज को अस्पताल में भी कम समय तक भर्ती रहना पड़ता है।अब तक इस प्रकार के ऑपरेशन के लिए मरीजों को हल्द्वानी,देहरादून अथवा अन्य बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था। इससे पर्वतीय क्षेत्रों के मरीजों और उनके परिजनों को आर्थिक बोझ, लंबी यात्रा और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ता था। लेकिन अब जिला चिकित्सालय अल्मोड़ा में ही पथरी, अपेंडिक्स, हर्निया सहित पेट संबंधी कई ऑपरेशन आधुनिक तकनीक से किए जा सकेंगे।दूरबीन विधि से सफल ऑपरेशन करने वाली टीम में डॉ. अमित सुकोटी के साथ निश्चेतक डॉ. पल्लवी चौहान, नर्सिंग स्टाफ सरिता, प्रियंका, नेहा तथा वार्ड ब्वाय धर्मेंद्र, राजेंद्र बिष्ट और शोभा शामिल रहे।जिला चिकित्सालय के प्रमुख अधीक्षक डॉ. एच.सी. गड़कोटी ने पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि जिला चिकित्सालय पूरी प्रतिबद्धता के साथ मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए लगातार प्रयासरत है।चिकित्सालय प्रशासन का कहना है कि आने वाले समय में दूरबीन विधि से और अधिक जटिल पेट संबंधी ऑपरेशन भी प्रारंभ किए जाएंगे,जिससे जिले की स्वास्थ्य सेवाएं और मजबूत होंगी। स्थानीय लोगों ने जिला चिकित्सालय की इस उपलब्धि पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि इससे पर्वतीय क्षेत्र के मरीजों को समय पर बेहतर उपचार मिल सकेगा और उन्हें बड़े शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

