




अल्मोड़ा- नगर निगम अल्मोड़ा के सभागार में दशहरा महोत्सव समिति की ओर से सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में दशहरा महोत्सव 2025 के दौरान प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले पुतलों के निर्माण से जुड़े कलाकारों एवं समिति के सदस्यों को सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि विधायक मनोज तिवारी ने विजेताओं को सम्मानित करते हुए कलाकारों के योगदान की सराहना की। कार्यक्रम का संचालन दशहरा महोत्सव के सचिव वैभव पांडे ने किया।समारोह में विधायक मनोज तिवारी, महापौर अजय वर्मा, पूर्व पालिका अध्यक्ष प्रकाश जोशी, आनंद सिंह बगड़वाल, दीप लाल साह, रवि रौतेला, सुशील साह सहित अन्य लोगों को शॉल और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।पूर्व पालिका अध्यक्ष प्रकाश जोशी ने कहा कि अल्मोड़ा की रामलीला और दशहरा महोत्सव को आगे बढ़ाने में अनेक लोगों ने अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है। पुराने कलाकारों और आयोजकों ने इस परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए कड़ी मेहनत की है। उन्होंने उन सभी दिवंगत लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की, जिन्होंने दशहरा महोत्सव को नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।उन्होंने कहा कि पहले दशहरे में केवल रावण का पुतला बनाया जाता था, लेकिन आज विभिन्न पुतलों के माध्यम से कलाकार अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। यह सभी के प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने युवाओं से अधिक से अधिक संख्या में इस सांस्कृतिक परंपरा से जुड़ने और नशाखोरी के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने का आह्वान किया।महापौर अजय वर्मा ने कहा कि अल्मोड़ा की सांस्कृतिक पहचान विशिष्ट है और दशहरा महोत्सव इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि सभी लोगों को मिलकर इस महोत्सव को और बेहतर बनाने के लिए प्रयास करने चाहिए। आयोजन में अनुशासन बनाए रखना जरूरी है। नगर निगम दशहरा महोत्सव समिति के साथ खड़ा है और आवश्यक सहयोग के लिए हमेशा तैयार रहेगा।उन्होंने कहा कि दशहरा महोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि अल्मोड़ा की सांस्कृतिक विरासत और स्थानीय पहचान का प्रतीक भी है।दशहरा महोत्सव के मुख्य संयोजक धर्मेंद्र बिष्ट ने कहा कि पुतला दहन के लिए एक स्थायी स्थान निर्धारित किया जाना चाहिए। उन्होंने विधायक और महापौर से इस दिशा में सहयोग करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि इस वर्ष हर हाल में स्टेडियम में ही पुतला दहन का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।उन्होंने शत्रु संपत्ति से संबंधित स्थान को सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन के लिए विकसित करने की मांग भी उठाई। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से इस विषय को मुख्यमंत्री के समक्ष रखने का आग्रह किया, ताकि अल्मोड़ा के सांस्कृतिक आयोजनों के लिए बेहतर स्थान उपलब्ध हो सके।आनंद सिंह बगड़वाल ने युवाओं से नशे के सेवन से दूर रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को अपनी ऊर्जा सकारात्मक कार्यों और सांस्कृतिक गतिविधियों में लगानी चाहिए।समिति के अध्यक्ष अजीत सिंह कार्की ने भी अनुशासन बनाए रखने और नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने महापौर से नंदा देवी महोत्सव की तर्ज पर दशहरा महोत्सव समिति को भी एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का अनुरोध किया।मुख्य अतिथि विधायक मनोज तिवारी ने कहा कि अल्मोड़ा के दशहरा महोत्सव को आगे बढ़ाने में योगदान देने वाले महान कलाकारों को वह श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। उन्होंने कहा कि अल्मोड़ा की पहचान यहां के कलाकारों और उनकी विशिष्ट कला से है। युवा कलाकार इस परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं, जो सराहनीय है।उन्होंने कहा कि दशहरे के दिन कलाकारों की प्रतिभा देखने के लिए विदेशों से भी लोग अल्मोड़ा पहुंचते हैं। ऐसे में महोत्सव का आयोजन बेहतर योजना, समर्पण और अनुशासन के साथ किया जाना चाहिए। इससे शहर की सांस्कृतिक पहचान मजबूत होने के साथ स्थानीय कारोबार को भी बढ़ावा मिलता है।विधायक ने कहा कि सांस्कृतिक कार्यक्रमों से शहर में नई रौनक आती है। जीजीआईसी मैदान के लिए धनराशि मिलने के बावजूद कुछ कारणों से संबंधित कार्य आगे नहीं बढ़ पाया। इस मामले का संज्ञान लेकर समाधान का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने शत्रु संपत्ति से संबंधित विषय पर भी वार्ता करने का आश्वासन दिया।दशहरा महोत्सव में पुतलों के प्रदर्शन के आधार पर सात पुरस्कार दिए जाने की जानकारी दी गई। घोषित पुरस्कारों के अनुसार प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले अक्षय कुमार के पुतले को 15,000 रुपये, द्वितीय स्थान पर रहे नौरांतक को 11,000 रुपये और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले रावण के पुतले को 7,500 रुपये की पुरस्कार राशि दी गई।इसके अतिरिक्त मकरासुर और कालकासुर के लिए 5,100 रुपये तथा पांचवें स्थान पर रहे देवांतक के लिए 5,100 रुपये की पुरस्कार राशि का उल्लेख किया गया। मकरासुर को चौथा स्थान मिलने की भी जानकारी दी गई। शेष पुरस्कारों के विवरण की पुष्टि समिति से की जानी है।कार्यक्रम में अजीत सिंह कार्की, कैलाश गुरुरानी, ललित लटवाल, प्रकाश पांडेय, आनंद बगड़वाल, रवि रौतेला, किशन लाल, अमरनाथ सिंह नेगी, अशोक पांडेय, मनोज जोशी, प्रकाश भट्ट, सुशील साह, हितेश वर्मा हनी, धर्मेंद्र बिष्ट, दीपक कुमार, विनीत बिष्ट, कृष्ण बहादुर सिंह, आशीष गुरुरानी, हरीश कनवाल, कपिल मल्होत्रा, मनोज सनवाल, वैभव पांडे और रोहन कुमार आर्य सहित दशहरा महोत्सव समिति के अन्य सदस्य मौजूद रहे।
