










अल्मोड़ा-भारतीय सेना के सेवानिवृत्त अधिकारी कर्नल प्रकाश तेवारी नेतृत्व, आध्यात्मिकता और सकारात्मक मनोविज्ञान से जुड़े अपने अनुभवों को साहित्य के माध्यम से पाठकों तक पहुंचा रहे हैं।उनकी पुस्तकें जीवन की चुनौतियों से उबरने,आत्मखोज, आत्मविश्वास और व्यक्तिगत विकास के साथ ही पूर्वी ज्ञान परंपराओं को आधुनिक जीवन से जोड़ने पर केंद्रित हैं।कर्नल तेवारी की प्रकाशित पुस्तकों में बंकर टू ब्लिस और मॉर्निंग म्यूज प्रमुख हैं।बंकर टू ब्लिस में उन्होंने आध्यात्मिकता,आत्मविश्वास और जीवन के उच्च उद्देश्य को नेतृत्व को मजबूत बनाने वाले महत्वपूर्ण तत्वों के रूप में प्रस्तुत किया है।वहीं मॉर्निंग म्यूज प्रेरणादायक विचारों और सकारात्मक संदेशों का संग्रह है।बंकर टू ब्लिस का संशोधित संस्करण किंडल पर भी उपलब्ध है।उनकी आगामी पुस्तक फ्रॉम रेजिलिएंस टू रियलाइजेशन भगवद्गगीता इन पॉजिटिव साइकोलॉजी दो खंडों में प्रकाशित करने की योजना है। इसे अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों में सकारात्मक मनोविज्ञान के दो क्रेडिट वाले पाठ्यक्रम की अध्ययन सामग्री के रूप में विकसित किया गया है।पुस्तक में भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं और पश्चिमी दृष्टिकोणों के बीच संबंध स्थापित करने का प्रयास किया गया है।इसके अलावा, वे मॉर्निंग म्यूज के आठ खंड तैयार कर रहे हैं,जिनका उद्देश्य पाठकों को आत्मचिंतन और व्यक्तिगत विकास के लिए प्रेरित करना है।कर्नल तेवारी को भारतीय सेना,भारत सरकार,कॉर्पोरेट जगत,अंतरराष्ट्रीय संगठनों और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में चार दशकों से अधिक का अनुभव है।उन्होंने भारतीय सेना में 24 वर्ष तक सेवा दी। इसके बाद रक्षा मंत्रालय में निदेशक (नीति–पारिस्थितिकी) के रूप में कार्य किया।कॉर्पोरेट क्षेत्र में उन्होंने टाटा पावर, जेएसपीएल और डीएलएफ जैसी संस्थाओं में नेतृत्वकारी जिम्मेदारियां निभाईं।इस दौरान उन्होंने सतत विकास, पर्यावरणीय प्रशासन और बड़ी अवसंरचना परियोजनाओं से जुड़े कार्यों में योगदान दिया।वर्तमान में वे पर्यावरण,वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की अवसंरचना-1 और तटीय विनियमन क्षेत्र (सीआरजेड) संबंधी विशेषज्ञ मूल्यांकन समिति के सदस्य हैं।इसके साथ ही वे आईआईटी खड़गपुर की बाह्य समीक्षा समिति,इंटैक के प्राकृतिक विरासत प्रभाग की सलाहकार समिति और ग्रामीण इम्पैक्ट वेंचर्स के बोर्ड में भी सदस्य हैं।उनकी अकादमिक रुचियों में जलवायु अनुकूलन,प्रकृति आधारित समाधान, पर्यावरणीय प्रशासन,आपदा जोखिम न्यूनीकरण और सकारात्मक मनोविज्ञान शामिल हैं।वे अपने पेशेवर अनुभवों और साहित्यिक लेखन के माध्यम से इस विचार को सामने रखते हैं कि धैर्य,उद्देश्य और उत्तरदायित्व के साथ व्यक्ति तथा संस्थाएं कठिन परिस्थितियों का सामना कर सकती हैं।उत्तराखंड से संबंध रखने वाले कर्नल प्रकाश तेवारी ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से बीए,आपदा न्यूनीकरण में एमएससी और बिजनेस मैनेजमेंट में स्नातकोत्तर डिप्लोमा प्राप्त किया है।उनकी पुस्तकों के अतिरिक्त सतत विकास, आपदा जोखिम न्यूनीकरण और कॉर्पोरेट उत्तरदायित्व से जुड़े प्रकाशनों तथा केस स्टडी में भी योगदान रहा है।सैन्य सेवा,प्रशासनिक दायित्वों, कॉर्पोरेट नेतृत्व और साहित्य के विविध अनुभवों के जरिए वे जीवन में सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास और उद्देश्यपूर्ण कार्यशैली के महत्व को रेखांकित कर रहे हैं।
