



देहरादून-उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) ने शुक्रवार को राजभवन स्थित लोक भवन देहरादून में विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान अल्मोड़ा के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं लेखक डॉ रमेश सिंह पाल तथा दिल्ली विश्वविद्यालय के भारती कॉलेज की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ आशा तिवारी द्वारा सह लिखित अंग्रेजी पुस्तक योग एवं ध्यान द पाथलेस पाथ का विमोचन किया।पुस्तक के विमोचन पर लेखकों को बधाई देते हुए राज्यपाल ने कहा कि योग और ध्यान भारत की सनातन परंपरा का अभिन्न हिस्सा रहे हैं।वर्तमान समय में बढ़ते तनाव और बदलती सामाजिक परिस्थितियों के बीच योग एवं ध्यान का महत्व और भी बढ़ गया है।उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को पारंपरिक रूप से देवभूमि के रूप में जाना जाता है और प्रधानमंत्री के विजन के अनुरूप राज्य को योग, आध्यात्मिकता एवं वेलनेस के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है।
कार्यक्रम में उपस्थित पद्मश्री सम्मानित एवं प्रसिद्ध पर्वतारोही संतोष यादव ने डॉ रमेश सिंह पाल के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने सनातन दर्शन में निहित योग और ध्यान के गहन आयामों को सरल एवं सहज भाषा में प्रस्तुत करने का महत्वपूर्ण प्रयास किया है। उन्होंने आध्यात्मिकता और आत्म-परिवर्तन पर डॉ पाल द्वारा लिखी गई पुस्तकों को अत्यंत सराहनीय बताते हुए कहा कि ऐसे प्रयास भारत की आध्यात्मिक ज्ञान-परंपरा को समाज के व्यापक वर्ग तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।योग एवं ध्यान द पाथलेस पाथ डॉ रमेश सिंह पाल की सातवीं पुस्तक है। पुस्तक में योग एवं ध्यान के विभिन्न आयामों,उनके दार्शनिक आधार,आंतरिक साधनाओं तथा आध्यात्मिक महत्व को विस्तार से प्रस्तुत किया गया है।पुस्तक योग और ध्यान को केवल शारीरिक अथवा मानसिक अभ्यास के रूप में नहीं, बल्कि आत्म-जागरूकता, आंतरिक रूपांतरण और आध्यात्मिक जागरण की यात्रा के रूप में प्रस्तुत करती है।डॉ रमेश सिंह पाल ने आत्म-विकास, आध्यात्मिकता,सनातन दर्शन एवं मानव चेतना जैसे विषयों पर अनेक पुस्तकें लिखी हैं। उनकी कृतियां भारत की संसद पुस्तकालय सहित विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं प्रतिष्ठित संस्थानों के पुस्तकालयों में शामिल हैं। उन्हें यूनेस्को इनक्लूसिव पॉलिसी लैब में भारत की ओर से विशेषज्ञ के रूप में भी नामित किया गया है।पुस्तक विमोचन समारोह में राज्यपाल की अपर सचिव रीना जोशी,राज्यपाल के एडीसी अमित श्रीवास्तव सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े गणमान्य व्यक्ति,विद्यार्थी एवं अन्य अतिथि उपस्थित रहे।इस अवसर पर डॉ रमेश सिंह पाल ने पुस्तक का विमोचन करने के लिए राज्यपाल का आभार व्यक्त किया।उन्होंने संतोष यादव द्वारा व्यक्त किए गए उत्साहवर्धक शब्दों एवं सराहना के लिए भी उनका धन्यवाद किया।डॉ पाल ने समारोह में उपस्थित सभी गणमान्य अतिथियों, सहकर्मियों,विद्यार्थियों एवं शुभचिंतकों के प्रति भी कृतज्ञता व्यक्त की।पुस्तक के प्रकाशन पर अल्मोड़ा में भी हर्ष का माहौल है।विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान अल्मोड़ा के निदेशक डॉ लक्ष्मी कांत सहित संस्थान के वैज्ञानिकों,कर्मचारियों एवं अल्मोड़ा के महापौर ने भी डॉ रमेश सिंह पाल को उनकी सातवीं पुस्तक के प्रकाशन पर बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।
