अल्मोड़ा-आज नि:शुल्क योग प्रशिक्षण शिविर में ज्योति सतवाल संयोजक कल्पना कृति जन महिला जागृति समिति अल्मोड़ा ने पांच दिवसीय नि:शुल्क योग शिविर के क्रम में अपने अनुभव से योग आसनों का अभ्यास कराते हुए प्राणायाम की विधि का महत्व समझाया और उपस्थित सभी योग साधकों को विधिवत अभ्यास कराया। उन्होंने कहा कि योग अभ्यास से हम जहां अपने शरीर और मन, मस्तिक व स्वास्थ्य को बेहतर और विकसित बना सकते हैं और वही दूसरी तरफ़ अनेक रोगों का उपचार भी कर सकते हैं ।योग आसनों और प्राणायाम का नियमित अभ्यास कर रोगों के अनुसार उपचार की विधियां हमारे वेद हमारे आयुर्वेद और ऋषि-मुनियों विशेषज्ञों द्वारा यह प्रमाणिक विधि हमें उपहार स्वरूप हमारे पूर्वजों के द्वारा हमें प्रदान हुई है। इसलिए हमें इस महान धरोहर,अद्भुत लाभकारी विधि को घर-घर तक जन-जन तक पहुंचाना है और उसको आत्मसात करने के लिए प्रेरित करना है।ज्योति सतवाल के साथ पतंजलि किसान सेवा समिति के राज्य प्रभारी जसोद सिंह बिष्ट एवं पतंजलि योगपीठ के जिला प्रभारी रूप सिंह ने भी विस्तार से जानकारी देते हुए इन विधियों,आसनों और प्राणायाम का हमारे जीवन में कितना अधिक महत्व है इस बात को बताते हुए आज के इस विपरीत वातावरण और दूषित पर्यावरण में हमें योग को नियमित रूप से अपनाने की अत्यंत आवश्यकता है इस बात से सभी को अवगत कराया। श्रीमती माया भोज, श्रीमती तुलसी सिराड़ी और कमल कुमार बिष्ट ने योग के अलग-अलग पहलुओं पर अपने अनुभव से उसकी महत्वता को समझाया।इस दौरान शेखर चंद सिराड़ी,तेजस शर्मा,प्रतीक बिष्ट, अवनि बिष्ट,भूमि सती,शिवानी यादव ,विजय भट्ट माही बिरोडिया,साक्षी गैड़ा,सार्थक जोशी,अंशिका बिष्ट,मयंक पिलखवाल,मयंक गैड़ा,ललित मोहन गैड़ा,अस्मिता पांडे,रिया बोरा,अनु कुमारी ,प्रज्ञा कठायत, मंजू बिष्ट आदि ने योग का अभ्यास किया और प्राणायाम की बारीकियों को सीखते हुए अभ्यास किया।ज्योति सतवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि आगामी 18 जून 2023 को इस पांच दिवसीय नि:शुल्क योग प्रशिक्षण शिविर का समापन पांच कुंडली यज्ञ हवन द्वारा विधिवत् रूप से किया जाएगा।इसके लिए उन्होंने अधिक से अधिक संख्या में जनता से भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की।
