अल्मोड़ा-विवेकानन्द पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, अल्मोड़ा के प्रयोगात्मक प्रक्षेत्र हवालबाग में शुक्रवार को ‘सुपोषित भारत सशक्त भारत’ थीम पर आधारित 49वें कृषि विज्ञान मेले का आयोजन किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि डॉ शिव प्रसाद किमोठी, सदस्य कृषि वैज्ञानिक चयन मंडल नई दिल्ली रहे। इस अवसर पर मुख्य अतिथि ने संस्थापक प्रो बोसी सेन एवं गर्टयुड इमर्सन सेन को नमन करते हुए संस्थान के शोध कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि आजादी के बाद से अन्न, बागवानी, दुग्ध एवं मत्स्य उत्पादन में सराहनीय वृद्धि हुई है। फलस्वरूप देश अपनी अन्न आवश्यकताओं को पूर्ण करने के साथ-साथ इन उत्पादों को निर्यात भी करने में सक्षम हो रहे हैं। उनके अनुसार आज कृषि उत्पादन केन्द्रित के स्थान पर आमदनी केन्द्रित हो गयी है अतः कृषकों को नई शोघ तकनीकियों को अपनाकर अपनी आमदनी बढ़ाने हेतु प्रयासरत रहना चाहिये और यह तभी सम्भव है जब कृषक इसके लिये स्वयं आगे आयेंगे। इससे पहले संस्थान के निदेशक डॉ लक्ष्मी कान्त द्वारा मुख्य अतिथि, अध्यक्ष, विशिष्ट अतिथियों, आगन्तुकों व कृषकों का स्वागत करते हुए संस्थान की स्थापना तथा पर्वतीय कृषि के क्षेत्र में संस्थान द्वारा किये गए शोध कार्यों तथा विकसित तकनीकों का विवरण दिया गया। संस्थान की 100 वर्ष की उपलब्ध्यिों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि यह संस्थान अभी तक 200 से अधिक उन्नतशील प्रजातियों का विकास कर चुका है। विगत वर्ष संस्थान द्वारा 14 उन्नतशील प्रजातियों का विकास किया गया व इस वर्ष संस्थान द्वारा विकसित तीन तकनीकों का पेटेंट हेतु आवेदन किया गया है तथा विभिन्न निजी संस्थानों से विकसित 11 तकनीकियों हेतु समझौता किया गया है। समारोह के दौरान सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय, अल्मोड़ा के कुलपति डॉ सतपाल सिंह बिष्ट ने संस्थान की उपलब्धियों पर हर्ष व्यक्त करते हुए विवेकानन्द परिवार के समस्त सदस्यों को बधाई दी। गोविन्द बल्लभ पन्त राष्ट्रीय पर्यावरण संस्थान, कोसी, कटारमल के निदेशक प्रो. सुनील नौटियाल ने उत्कृष्ट शोध एवं विकास कार्यों हेतु संस्थान को साधुवाद दिया और कहा कि कृषक इस संस्थान की तकनीकियों का लाभ लेकर कृषि तंत्र को आर्थिक रूप से सुदृढ़ बना सकते हैं। कार्यक्रम में आकाशवाणी अल्मोड़ा के कार्यक्रम प्रमुख रमेश चन्द्रा, निवर्तमान पालिकाध्यक्ष प्रकाश जोशी, उत्तराखंड जैव प्रौद्योगिकी परिषद के निदेशक डॉ संजय कुमार ने भी विचार रखे। इस दौरान संस्थान की मक्का, मटर, मादिरा तथा चुआ की प्रजातियों का लोकार्पण किया गया। इसके साथ ही संस्थान के प्रकाशन पर्वतीय कृषि दर्पण का विमोचन किया गया। मेले के दौरान प्रगतिशील किसान नैन सिंह खेतवाल, नवीन चन्द्र आर्या, बसन्त लाल, खीम सिंह, हर सिंह, नारायणी देवी एवं दीपा लोशाली को पुरस्कृत किया गया। इस अवसर पर संस्थान में चल रही जनजातीय उप-योजना के अन्तर्गत लखनी गॉंव के कृषकों को पावर वीडर का वितरण किया गया। किसान मेले में आयोजित प्रदर्शनी में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के अनेक संस्थानों, कृषि विज्ञान केन्द्रों एवं सरकारी तथा गैर सरकारी संस्थानों द्वारा प्रतिभाग किया गया एवं लगभग 25 प्रदर्शनियाँ लगाई गई। किसान मेले में कृषक गोष्ठी का संचालन डॉ कमल कुमार पाण्डे, कार्यक्रम का संचालन डॉ आशीष कुमार सिंह व निधि सिंह एवं धन्यवाद प्रस्ताव डॉ निर्मल कुमार हेडाऊ, विभागाध्यक्ष फसल सुधार द्वारा किया गया।

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