अल्मोड़ा/द्वाराहाट-बिपिन त्रिपाठी कुमाऊँ इंजीनियरिंग कॉलेज, द्वाराहाट में आयोजित 77 यूके वाहिनी एनसीसी अल्मोड़ा के संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर का तीसरा दिन उत्साह, अनुशासन और प्रशिक्षण गतिविधियों से भरपूर रहा। कमान अधिकारी कर्नल जितेंद्र शर्मा के निर्देशन में चल रहे इस शिविर में कुल 500 कैडेट्स प्रतिभाग कर रहे हैं। इनमें स्प्रिंग डेल्स स्कूल, अल्मोड़ा के 37 कैडेट्स भी पूरे अनुशासन और उत्साह के साथ प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। विद्यालय के प्रतिभागियों में एसडी के 10, एसडब्ल्यू के 5, जेडी के 13 और जेडब्ल्यू के 9 कैडेट्स शामिल हैं।शिविर के तीसरे दिन कैडेट्स को एनसीसी के सामान्य विषयों के साथ सेना से जुड़े महत्वपूर्ण प्रशिक्षण दिए गए। कैडेट्स को 22 राइफल फायरिंग की बारीकियों की जानकारी देने के साथ सिम्युलेटर फायरिंग का अभ्यास कराया गया। इसके अलावा आधुनिक तकनीक को ध्यान में रखते हुए ड्रोन संचालन का विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया।दिन की शुरुआत योगाभ्यास, शारीरिक व्यायाम और ड्रिल से हुई, जिससे कैडेट्स में अनुशासन, आत्मविश्वास और टीम भावना का विकास हुआ।मानसिक स्वास्थ्य और एसएसबी तैयारी पर विशेष व्याख्यान कैंप में सेक्शन हॉस्पिटल हल्द्वानी से आईं साइकोथैरेपिस्ट, साइकोलॉजिस्ट एवं काउंसलर डॉ. देविका एस. नायर ने कैडेट्स को मानसिक स्वास्थ्य, व्यक्तित्व विकास और सेना में अधिकारी बनने के लिए एसएसबी इंटरव्यू की तैयारी के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी।उनके प्रेरणादायक व्याख्यान से कैडेट्स को काफी मार्गदर्शन मिला।स्प्रिंग डेल्स स्कूल की प्रधानाचार्या श्रीमती ज्योतिष्णा सोहनलाल ने कैडेट्स के अनुशासन और प्रदर्शन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि वर्दी केवल पोशाक नहीं, बल्कि जिम्मेदारी और देशसेवा का प्रतीक होती है। उन्होंने कहा कि विद्यालय के छात्र जिस समर्पण और गरिमा के साथ प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं, वह अत्यंत सराहनीय है।शिविर के सफल संचालन में एडमिनिस्ट्रेटिव अफसर लेफ्टिनेंट कर्नल जे.सी. पंत, सूबेदार मेजर जगदीश सिंह, कैप्टन महिपाल सिंह, लेफ्टिनेंट हयात सिंह, लेफ्टिनेंट दीपक गोस्वामी, लेफ्टिनेंट सुनीता पांडे, फर्स्ट अफसर तारा सिंह बिष्ट, सेकेंड अफसर शंकर सिंह भैसोड़ा, लक्ष्मी खुलवे, भावना अधिकारी, सूबेदार देवेंद्र सिंह, सूबेदार जगदीश सिंह, नायब सूबेदार दलजीत सिंह, नायब सूबेदार जितेंद्र, चन्द्रशेखर, कैलाश चंद, चंचल सिंह और चंदन सिंह सहित सैन्य एवं प्रशासनिक स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।यह शिविर कैडेट्स को सैन्य प्रशिक्षण देने के साथ-साथ उन्हें जिम्मेदार और अनुशासित नागरिक बनने की प्रेरणा भी प्रदान कर रहा है।


