


अल्मोड़ा-ऐतिहासिक सांस्कृतिक नगरी अल्मोड़ा के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान स्प्रिंग डेल स्कूल में आज एक भव्य और गौरवशाली सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।इस विशेष समारोह में देश के प्रतिष्ठित गणतंत्र दिवस कैंप में उत्तराखंड डायरेक्टरेट का गौरव बढ़ाने वाली देश की जांबाज एनसीसी कैडेट और सीनियर अंडर ऑफिसर नयना बिष्ट तथा उनके पिता क्षेत्र के वरिष्ठ रंगकर्मी प्रकाश सिंह बिष्ट को विद्यालय परिवार द्वारा सम्मानित किया गया।समारोह की शुरुआत करते हुए विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती ज्योत्स्ना सोहनलाल ने सभी सम्मानित अतिथियों का स्वागत किया।अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि नयना बिष्ट ने दिल्ली के कर्तव्य पथ पर फ्रंटलाइन मार्कर बनकर और चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ पिन हासिल कर न सिर्फ अल्मोड़ा बल्कि पूरे उत्तराखंड का नाम देश के इतिहास में सुनहरे अक्षरों में दर्ज करा दिया है।इस गरिमामयी अवसर पर विद्यालय के एकेडमिक हेड विपुल कार्की ने मंच का संचालन करते हुए नयना और उनके पिता के संघर्षमयी सफर पर प्रकाश डाला।समारोह में यह बात विशेष आकर्षण का केंद्र रही कि जहाँ एक तरफ बेटी नयना ने सैन्य अनुशासन में देश स्तर पर परचम लहराया है वहीं उनके पिता प्रकाश सिंह बिष्ट कला जगत के एक बड़े स्तम्भ हैं।हाल ही में पटियाला में उन्हें उनकी उत्कृष्ट कला साधना के लिए प्रतिष्ठित लोक कला सम्मान से नवाजा गया है। विद्यालय प्रबंधन द्वारा इस पिता-पुत्री की अद्भुत जोड़ी को शॉल,स्मृति चिह्न और सम्मान पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया।नयना बिष्ट की इस ऐतिहासिक सफलता और उनके भीतर की खेल व अनुशासन की भावना को हमेशा के लिए जीवंत रखने के लिए स्प्रिंग डेल स्कूल ने आज एक बड़ी घोषणा की। विद्यालय प्रशासन द्वारा इस वर्ष से खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों के लिए नयना बिष्ट रोलिंग ट्रॉफी फॉर बेस्ट क्रिकेटर ऑफ स्कूल की शुरुआत की गई। यह ट्रॉफी हर साल स्कूल के सर्वश्रेष्ठ क्रिकेटर को प्रदान की जाएगी ताकि आने वाली पीढ़ियां नयना के जज्बे से प्रेरणा ले सकें।सम्मान से भावुक वरिष्ठ रंगकर्मी प्रकाश सिंह बिष्ट ने विद्यालय परिवार का आभार व्यक्त किया।वहीं सीनियर अंडर ऑफिसर नयना बिष्ट ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए कहा कि पहाड़ों की मिट्टी में वो ताकत है जो देश का नेतृत्व कर सकती है बस जरूरत है तो एक कड़े अनुशासन और बड़े लक्ष्य की।इस अवसर पर विद्यालय के प्रबंधक सुशील सोहनलाल,समस्त शिक्षक गण,एनसीसी कैडेट्स और सैकड़ों छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।
