अल्मोड़ा-सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय अल्मोड़ा के शिक्षा संकाय में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस का आयोजन किया गया।शिक्षा संकाय में मुख्य अतिथि रूप में कुलपति प्रो० नरेंद्र सिंह भंडारी,कुलसचिव डॉ० देवेंद्र सिंह बिष्ट,विशिष्ट अतिथि प्रो० प्रवीण सिंह बिष्ट (अधिष्ठाता प्रशासन), विशिष्ट अतिथि प्रो०शेखर जोशी (डीन शैक्षिक),अध्यक्ष रूप में प्रो०इला साह (अधिष्ठाता छात्र कल्याण),विषय विशेषज्ञ रूप में बरखा कन्याल,शिक्षा संकाय की विभागाध्यक्ष एवं संकायाध्यक्ष प्रो०भीमा मनराल, कॉन्स्टेबल मीनाक्षी पंत,कार्यक्रम संयोजक रिजवाना सिद्धिकी आदि ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया।विभाग के शिक्षकों ने अतिथियों का सम्मान एवं विद्यार्थियों ने उनका स्वागत किया।इस अवसर पर शिक्षा संकाय की विभागाध्यक्ष एवं संकायाध्यक्ष प्रो०भीमा मनराल ने अंतराष्ट्रीय महिला दिवस कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की।उन्होंने कहा कि शिक्षा संकाय के विद्यार्थी शैक्षिक, सामाजिक,जनजागरूकता संबंधी प्रत्येक गतिविधियों में लगे हुए हैं। शिक्षा संकाय में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करता रहेगा।मुख्य अतिथि के रूप में कुलपति प्रो० नरेंद्र सिंह भंडारी ने संकाय के कार्यों की सराहना की।उन्होंने कहा कि प्रो०भीमा मनराल के नेतृत्व में यह संकाय ऊर्जा के साथ कार्य कर रहा है।उन्होंने कहा कि नारी शक्ति को लेकर हमें विशेष कार्य करने होंगे।इन सभी पक्षों/उद्देश्य को ध्यान रखते हुए सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के शिक्षा संकाय में लक्ष्मी देवी टम्टा सेंटर फॉर वूमन स्टडी सेंटर महिला केंद्र का उद्घाटन किया गया है।यह केंद्र बेटियों को सशक्त बनाने के लिए विविध पाठ्यक्रमों के संचालन करेगा।कुलपति प्रो० भंडारी ने कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव के तहत गुमनाम हुए वीर शहीदों को सामने लाने का प्रयास किया जा रहा है।हिमालय की संस्कृति को सामने लाने के लिए हरेला पीठ जैसे केंद्र विश्वविद्यालय की पहचान बनेंगे। युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि संघर्षों की बाधा को पार कर सफलता प्राप्त करें।विशेष विशेषज्ञ रूप में महिला थानाध्यक्ष (एन टी डी) बरखा कन्याल ने कहा कि महिला थानों के माध्यम से महिलाओं की समस्याओं का समाधान किया जा रहा है।बच्चों, महिलाओं की समस्या को लेकर कॉउंसलिंग की जा रही है।विभिन्न एप्प संचालित किये जा रहे हैं,ताकि अपराधों पर लगाम लगाई जा सकें। महिला हिंसा को कम करने के लिए पुलिस विभाग तत्परता से कार्य करता है।अध्यक्षता करते हुए अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो इला साह ने कहा कि नारी इस जग का आधार है।हमें सम्मान की नजर से उसे देखना चाहिए।नारी को सशक्त बनाने के प्रयास होने चाहिए। प्रो०साह ने कहा कि अंतराष्ट्रीय महिला दिवस पूरे विश्व का कार्यक्रम है। लैंगिक असमानता को दूर करना है। महिलाएं आज भी पीछे हैं।शोध में आये परिणामों पर गौर करें तो महिलाओं की स्थिति आज भी चिंताजनक है।समाज की मानसिकता को बदलना होगा।आवश्यकता है कि मानसिकता में बदलाव लाना है।हमें जागरूकता उत्पन्न करनी होगी।परम्पराओं को तोड़कर महिलाएं अपनी सामर्थ्य को जानें।शिक्षा संकाय की संकायाध्यक्ष प्रो भीमा मनराल और समस्त शिक्षकों,विद्यार्थियों के प्रयास की सराहना की।कार्यक्रम में संकाय के विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रतियोगिता में भाग लिया।उनके द्वारा महिलाओं के सशक्तीकरण,अत्याचार से संबंधी नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर जागरूक किया।कवि गोष्ठी,फैंसी प्रतियोगिता आयोजित हुई।इन सभी प्रतियोगिताओं में निर्णायक के रूप में विभाग की वरिष्ठ शिक्षक डॉ० नीलम जिम्मेदारी निभाई एवं उन्होंने गीत सुनकर मंत्रमुग्ध किया।शिक्षा संकाय में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर कुलपति प्रो०भंडारी ने लक्ष्मी देवी टम्टा सेंटर फॉर वूमन स्टडी सेंटर का उद्घाटन किया।अंतराष्ट्रीय महिला दिवस को लेकर इस कार्यक्रम का संचालन संकाय की वरिष्ठ शिक्षक डॉ० रिजवाना सिद्धिकी ने किया एवं संकायाध्यक्ष प्रो० भीमा मनराल ने आभार जताते हुए सभी को अंतराष्ट्रीय महिला दिवस की बधाइयाँ दी।इस अवसर पर संकाय के शिक्षक डॉ०संगीता पवार,डॉ०भाष्कर चौधरी, डॉ०नीलम,डॉ०रिजवाना सिद्धिकी,डॉ० ममता असवाल, डॉ०संदीप पांडे,डॉ०मनोज कुमार आर्या,डॉ० अंकिता,डॉ०ललिता रावल, डॉ०ममता काण्डपाल,डॉ०सरोज जोशी,डॉ०देवेंद्र चम्याल,डॉ०कुसुमलता आर्य, डॉ०ललित जोशी (विश्वविद्यालय मीडिया प्रभारी),डॉ०योगेश मैनाली,दिनेश पटेल आदि शिक्षकों सहित बीएड एवं एमएड के सैकड़ों विद्यार्थी संकाय के समस्त कर्मी मौजूद रहे।
