










अल्मोड़ा-मिठाई कारोबारियों के कथित उत्पीड़न के विरोध में व्यापार मंडल अल्मोड़ा ने मोर्चा खोल दिया है। धारानौला में शुक्रवार को आयोजित बैठक में मिठाई व्यापारियों ने खाद्य विभाग और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि त्योहारों के नजदीक आते ही सैंपलिंग के नाम पर व्यापारियों को अनावश्यक रूप से परेशान किया जाता है। व्यापार मंडल ने चेतावनी दी कि उत्पीड़न बंद नहीं हुआ तो व्यापारी एकजुट होकर सड़कों पर उतरेंगे। व्यापारियों ने कहा कि स्वच्छता और खाद्य पदार्थों की शुद्धता उनके व्यवसाय का अभिन्न हिस्सा है। वर्षों से कारोबार कर रहे व्यापारी अपनी प्रतिष्ठा और ग्राहकों के विश्वास के आधार पर व्यापार करते हैं। उन्होंने मेलों और अस्थायी फड़ों में बिकने वाली मिठाइयों की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि नियमित दुकानदारों पर कार्रवाई का दबाव बनाया जाता है, जबकि वहां अपेक्षित निगरानी नहीं होती। बैठक में जिलाध्यक्ष सुशील साह ने व्यापारियों से एकजुट रहने और दुकानों में साफ-सफाई के साथ शुद्ध खाद्य सामग्री रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी एक व्यापारी की गलती के लिए पूरे व्यापारी समाज को मिलावटखोर कहना उचित नहीं है। मिठाई विक्रेताओं को कथित रूप से ‘मीठा जहर’ कहे जाने पर भी उन्होंने आपत्ति जताई। सुशील साह ने कहा कि नियमों का पालन करने के बावजूद किसी व्यापारी को अनावश्यक रूप से प्रताड़ित किया गया तो व्यापार मंडल संबंधित अधिकारियों का घेराव करेगा। जरूरत पड़ने पर व्यापारी सड़क पर उतरकर विरोध करेंगे। विजय भट्ट और अश्विन नेगी ने भी व्यापारियों के सम्मान और अधिकारों की लड़ाई में साथ देने का भरोसा दिलाया। व्यापारियों ने मांग की कि खाद्य सुरक्षा नियमों के तहत जांच और सैंपलिंग की प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी और सम्मानजनक हो। बैठक में संयुक्त महामंत्री दिनेश मठपाल, जिला उपाध्यक्ष विजय भट्ट, जिला मंत्री नरेंद्र कुमार,वकुल साह, अश्विन नेगी, जीवन चन्द्र पन्त, आनन्द सिंह अधिकारी, पूरन महरा, अशोक सिंह, दीवान राम, दीवान मनराल, मनोज बिष्ट आदि व्यापारी मौजूद रहे।
