अल्मोड़ा-राजकीय नर्सिंग कालेज अल्मोड़ा के सभागार में शनिवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ० आरसी पंत व प्राचार्या आशा गंगोला की अध्यक्षता में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत गर्भधारण से पूर्व एवं प्रसवपूर्व निदान तकनीक अधिनियम विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा समाज में कन्याओं की उपलब्धियों एवं पीसीपीएनडीटी एक्ट के सम्बन्ध में जानकरी देते हुए कहा कि हमें बेटा बेटी के भेदभाव को समाप्त कर लोगो को लिंग के समानता के बारे में जागरुक किया जाना चाहिए।इस दौरान नुक्कड़ नाटक,वाद विवाद,लोक-नृत्य व भाषण प्रतियोगिताओं के माध्यम से भ्रूण हत्या एवं प्रसवपूर्व लिंग जांच को रोकने की जानकारी दी गई।कार्यशाला का संचालन दीक्षा कन्याल एवं तनुजा द्वारा किया गया।कार्यक्रम में जिला समन्वयक पीसीपीएनडीटी हिमांशु मुस्यूनी ने एक्ट के सम्बन्ध में संस्थान के छात्र-छात्राओं को विस्तारपूर्वक बताते हुए कहा कि गर्भधारण पूर्व एवं प्रसवपूर्व लिंग की जांच कराया जाना दण्डनीय अपराध है एवं ऐसा करने एवं कराने वाले व्यक्ति को 5 वर्ष की कैद एवं 50 हजार आर्थिक दंड देने का प्रावधान है।कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय से डॉ० हेमलता,डॉ० साम्भवी,डॉ० ललित पांडे,संजय जोशी,भारत कुमार, गोकुलानन्द,सोनाली,दीवान सिंह,रवि मिश्रा,कृष्णा,कमलेश भट्ट एवं सुन्दर जीना आदि मौजूद रहे।