



अल्मोड़ा-पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान ने गुरुवार को जिलाधिकारी अल्मोड़ा के शासकीय आवास स्थित कैंप कार्यालय में पहुंचकर जल निगम,जल संस्थान,यांत्रिक विभाग सहित संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की।बैठक में वर्ष 2020-21 में स्वीकृत विभिन्न पेयजल योजनाओं की धीमी प्रगति,कई क्षेत्रों में पेयजल संकट तथा सीवर लाइन के लंबित कार्यों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।बैठक में रघुनाथ सिंह चौहान ने कपिलेश्वर-खत्याड़ी ग्राम समूह पेयजल योजना, धटवाल गांव पंपिंग योजना तथा पाताल देवी,कसार देवी और डीनापानी क्षेत्र में जल जीवन मिशन के तहत चल रहे कार्यों को शीघ्र पूरा करने की मांग रखी।उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ तभी ग्रामीणों और स्थानीय जनता को मिल सकेगा, जब इन्हें समय पर पूरा कर पुराने एवं नए टैंकों को भी योजना से जोड़ा जाए।जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी लंबित कार्यों को यथाशीघ्र पूर्ण किया जाए तथा निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न हो।उन्होंने अधिकारियों से योजनाओं की प्रगति की लगातार निगरानी करने और निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य पूरा करने को कहा।बैठक में गर-गूंठ क्षेत्र की पेयजल समस्या भी प्रमुखता से उठाई गई।स्थानीय जनता एवं ग्राम प्रधान की ओर से मांग रखी गई कि स्थानीय जल स्रोतों का उपयोग करते हुए पानी का टैंक बनाया जाए ताकि गांव में पेयजल व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो सके।जिलाधिकारी ने मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आज ही स्थल का चयन कर टैंक निर्माण की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए।वहीं अल्मोड़ा नगर क्षेत्र की लंबे समय से लंबित सीवर लाइन परियोजना का मुद्दा भी बैठक में उठा।बताया गया कि सीवर लाइन के लिए करीब 25 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे। वर्तमान में लगभग 3.5 किलोमीटर सीवर लाइन का निर्माण हो चुका है तथा ट्रीटमेंट प्लांट भी तैयार है, लेकिन करीब 11 किलोमीटर सीवर लाइन का कार्य अभी लंबित है।इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को कार्य में तेजी लाने और लंबित हिस्से को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए।बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में सामने आ रही पेयजल समस्याओं को भी गंभीरता से उठाया गया।ग्राम सभा सल्ला में कुछ परिवारों को पानी नहीं मिलने,चितई पंत और चितई तिवाड़ी में पेयजल आपूर्ति सुचारू नहीं होने तथा माट,मटेना और गधोली क्षेत्रों में पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं होने की समस्या अधिकारियों के समक्ष रखी गई।रघुनाथ सिंह चौहान ने कहा कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा को लेकर जनता को परेशानी नहीं होनी चाहिए। जिन योजनाओं को वर्षों पहले स्वीकृति मिल चुकी है उनका लाभ जनता तक पहुंचाने के लिए कार्यों में तेजी लाना आवश्यक है।उन्होंने अधिकारियों से क्षेत्रवार समस्याओं का स्थलीय निरीक्षण कर उनका शीघ्र समाधान करने की मांग की।
जिलाधिकारी ने बैठक में मौजूद सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी पेयजल एवं सीवर योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध ढंग से पूर्ण किया जाए।साथ ही जहां पेयजल आपूर्ति में दिक्कतें सामने आ रही हैं वहां तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए स्थायी समाधान की दिशा में कार्य किया जाए।
