अल्मोड़ा-भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्व० श्रीमती इन्दिरा गांधी की पुण्यतिथि एवं भारत रत्न लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती के अवसर पर पर आज जिला कांग्रेस कार्यालय अल्मोड़ा में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया एवं स्व० श्रीमती इन्दिरा गांधी एवं स्व० सरदार पटेल के विचारों पर गोष्ठी कार्यक्रम आयोजित की गयी।इस अवसर पर जिलाध्यक्ष पीताम्बर पाण्डेय ने कहा कि इंदिरा गांधी का जन्म 19 नवंबर 1917 को उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद में एक संपन्न परिवार में हुआ था।उनका पूरा नाम इंदिरा प्रियदर्शिनी था।उनके पिता का नाम जवाहरलाल नेहरू और दादा का नाम मोतीलाल नेहरू था। पिता एवं दादा दोनों वकालत के पेशे से संबंधित थे और देश की स्वाधीनता में उनका महत्वपूर्ण योगदान था। माता का नाम कमला नेहरू था।11 जनवरी 1966 को भारत के दूसरे प्रधानमंत्री श्री लालबहादुर शास्त्री की असामयिक मृत्यु के बाद 24 जनवरी 1966 को श्रीमती इंदिरा गांधी भारत की तीसरी और प्रथम महिला प्रधानमंत्री बनीं। इसके बाद तो वह लगातार तीन बार 1967-1977 और फिर चौथी बार 1980-84 देश की प्रधानमंत्री बनीं। 1967 के चुनाव में वह बहुत ही कम बहुमत से जीत सकी थीं लेकिन 1971 में फिर से वह भारी बहुमत से प्रधामंत्री बनीं और 1977 तक रहीं। 1977 के बाद वह 1980 में एक बार फिर प्रधानमंत्री बनीं और 1984 तक प्रधानमंत्री के पद पर रहीं।16 वर्ष तक देश की प्रधानमंत्री रहीं इंदिरा गांधी के शासनकाल में कई उतार-चढ़ाव आए। लेकिन 1975 में आपातकाल 1984 में सिख दंगा जैसे कई मुद्दों पर इंदिरा गांधी को भारी विरोध-प्रदर्शन और तीखी आलोचनाएं भी झेलनी पड़ी थी। बावजूद इसके रूसी क्रांति के साल में पैदा हुईं इंदिरा गांधी ने 1971 के युद्ध में विश्व शक्तियों के सामने न झुकने के नीतिगत और समयानुकूल निर्णय क्षमता से पाकिस्तान को परास्त किया और बांग्लादेश को मुक्ति दिलाकर स्वतंत्र भारत को एक नया गौरवपूर्ण क्षण दिलवाया।लेकिन 31 अक्टूबर 1984 को उन्हें अपने अंगरक्षक की ही गोली का शिकार होना पड़ा और वह देश की एकता और अखंडता के लिए कुर्बान हो गईं।नगर अध्यक्ष पूरन सिंह रौतेला ने कहा कि वल्लभभाई झावेरभाई पटेल का जन्म 31 अक्टूबर 1875 को हुआ था जो सरदार पटेल के नाम से लोकप्रिय थे तथा एक भारतीय राजनीतिज्ञ थे।उन्होंने भारत के पहले उप प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया।वे एक भारतीय अधिवक्ता और राजनेता थे जो भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता और भारतीय गणराज्य के संस्थापक पिता थे। जिन्होंने स्वतंत्रता के लिए देश के संघर्ष में अग्रणी भूमिका निभाई और एक एकीकृत,स्वतंत्र राष्ट्र में अपने एकीकरण का मार्गदर्शन किया।भारत और अन्य जगहों पर उन्हें अक्सर हिंदी,उर्दू और फ़ारसी में सरदार कहा जाता था,जिसका अर्थ है प्रमुख। उन्होंने भारत के राजनीतिक एकीकरण और 1947 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान गृह मंत्री के रूप में कार्य किया। कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष पीताम्बर पाण्डेय,नगर अध्यक्ष पूरन सिंह रौतेला,जिला उपाध्यक्ष तारा चंद्र जोशी,जिला उपाध्यक्ष विनोद वैष्णव,नगर उपाध्यक्ष महेश चन्द्र आर्या,नगर उपाध्यक्ष एन डी पाण्डेय,राबिन भण्डारी,संजय दुर्गापाल, सरस्वती लोढ़िया,मनोज जोशी,महिपाल राजपूत,गोपाल गुरूरानी,जिला प्रवक्ता राजीव कर्नाटक,जिला सचिव दीपांशु पाण्डेय सहित दर्जनों कांग्रेसजन उपस्थित रहे।

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