

अल्मोड़ा-सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में उत्तराखंड की सभी नगर निकायों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर सोमवार को नगर निगम अल्मोड़ा में क्षेत्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, चम्पावत और बागेश्वर जनपदों की नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने प्रतिभाग किया। प्रशिक्षण के लिए राज्य स्तर पर नगर पालिका परिषद चम्पावत के अधिशासी अधिकारी भरत त्रिपाठी को मास्टर ट्रेनर नियुक्त किया गया था। उन्होंने नगर आयुक्तों, सहायक नगर आयुक्तों, अधिशासी अधिकारियों, सफाई निरीक्षकों, पर्यावरण पर्यवेक्षकों तथा एमआईएस विशेषज्ञों को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के विभिन्न प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी। मास्टर ट्रेनर ने प्रशिक्षण के दौरान पुराने कचरे (लीगेसी वेस्ट) के वैज्ञानिक निस्तारण, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के तहत उपविधियां तैयार करने, स्रोत स्तर पर कचरे का चार श्रेणियों में पृथक्करण (सेग्रीगेशन) तथा अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़ी नागरिकों की शिकायतों और सुझावों के प्रभावी निस्तारण की प्रक्रिया पर विस्तार से जानकारी दी। साथ ही नगर निकायों में नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए। प्रशिक्षण कार्यक्रम में महापौर अजय वर्मा, नगर आयुक्त सीमा विश्वकर्मा, सहायक नगर आयुक्त लक्ष्मण सिंह, नगर निगम पिथौरागढ़ की सहायक नगर आयुक्त दीपा परिहार सहित चारों जनपदों की नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारी एवं संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को अधिक प्रभावी और व्यवस्थित बनाने पर विशेष जोर दिया गया।
