
अल्मोड़ा-कांग्रेस जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह भोज ने मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को लेकर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि जिले के विभिन्न क्षेत्रों से लगातार ऐसी शिकायतें प्राप्त हो रही हैं कि कार्यक्रम में भीड़ जुटाने के लिए सरकारी तंत्र का दुरुपयोग किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि आरटीओ विभाग द्वारा निजी एवं व्यावसायिक वाहनों को जबरन कार्यक्रम के लिए अधिग्रहित किए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं, जिससे वाहन स्वामियों और आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई लोगों के दैनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं,लेकिन प्रशासन उनकी समस्याओं की अनदेखी कर रहा है।भूपेंद्र सिंह भोज ने कहा कि इससे भी अधिक चिंताजनक बात यह है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, महिला मंगल दलों तथा विभिन्न स्वयंसेवी समूहों पर कार्यक्रम में शामिल होने के लिए दबाव बनाए जाने की शिकायतें मिल रही हैं।ब्लॉक स्तर के कुछ कर्मचारियों द्वारा यह संदेश दिया जा रहा है कि यदि महिला मंगल दलों की सदस्य कार्यक्रम में उपस्थित नहीं होती हैं तो उन्हें मिलने वाली सरकारी सहायता, अनुदान अथवा अन्य योजनाओं के लाभ प्रभावित हो सकते हैं। यदि यह सच है तो यह अत्यंत गंभीर मामला है और लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है।उन्होंने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक सरकार की सफलता इस बात में होती है कि जनता स्वेच्छा से उसके कार्यक्रमों में भाग ले न कि सरकारी मशीनरी के दबाव और भय के कारण।जनता को धमकाकर,कर्मचारियों पर दबाव बनाकर और सरकारी संसाधनों का उपयोग कर भीड़ जुटाना सरकार की विफलता को दर्शाता है।कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, महिला मंगल दल और सामाजिक संगठनों की महिलाएं समाज सेवा का कार्य करती हैं।उन्हें राजनीतिक कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए बाध्य करना उनके अधिकारों का हनन है।सरकारी योजनाएं किसी राजनीतिक दल या व्यक्ति की नहीं बल्कि जनता के करों से चलती हैं,इसलिए किसी भी व्यक्ति को योजनाओं के लाभ से वंचित करने की धमकी देना पूरी तरह अनुचित है।उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की कि इन शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा दबाव बनाने, धमकी देने या सरकारी योजनाओं का भय दिखाने का प्रयास किया गया है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। भूपेंद्र सिंह भोज ने कहा कि कांग्रेस पार्टी लोकतांत्रिक मूल्यों और जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए हमेशा आवाज उठाती रहेगी और किसी भी प्रकार के प्रशासनिक दुरुपयोग को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
