


अल्मोड़ा-उत्तरांचल फैडरेशन ऑफ मिनिस्ट्रीयल सर्विसेज एसोसिएशन जनपद अल्मोड़ा के बैनर तले मिनिस्ट्रीयल कार्मिकों ने अपनी 12 सूत्रीय मांगों के निराकरण की मांग को लेकर शुक्रवार को गांधी पार्क में प्रदर्शन किया।यह आंदोलन उत्तरांचल फैडरेशन ऑफ मिनिस्ट्रीयल सर्विसेज एसोसिएशन,प्रांतीय महासंघ, उत्तराखंड के आह्वान पर प्रदेशभर में चलाए जा रहे चरणबद्ध आंदोलन के तहत किया गया।प्रदर्शन के बाद जिलाधिकारी अल्मोड़ा के प्रतिनिधि के माध्यम से उत्तराखंड सरकार को ज्ञापन प्रेषित किया गया।इससे पूर्व 7 से 19 सितंबर तक मिनिस्ट्रीयल कार्मिकों ने काली फीती बांधकर गेट मीटिंग की थी।इसके बाद जनप्रतिनिधियों एवं कैबिनेट मंत्रियों के माध्यम से शासन को ज्ञापन भेजे गए।संगठन के अनुसार 23 सितंबर को कैबिनेट मंत्री को दर्जा राज्य मंत्री के माध्यम से तथा 24 सितंबर को कैबिनेट मंत्री को पूर्व दर्जा राज्य मंत्री एवं वरिष्ठ जनप्रतिनिधि के माध्यम से ज्ञापन सौंपा गया जिसे मुख्यमंत्री को भी प्रेषित किया गया।कर्मचारियों की 12 प्रमुख मांगो में संगठन ने कनिष्ठ सहायक का ग्रेड वेतन लेवल-5 (2800) अनुमन्य किए जाने के साथ पदनाम पुनर्गठन एवं उप निदेशक (प्रशासन) का पद सृजित करने की मांग की। इसके अलावा जिन विभागों में पदोन्नति नहीं हो रही है वहां पदोन्नत एसीपी देने,फार्गो नियमावली समाप्त कर पूर्ववर्ती शासनादेश लागू करने,मिनिस्ट्रीयल पदों का शीघ्र पुनर्गठन करने तथा पुरानी पेंशन बहाली के लिए केंद्र सरकार से अनुरोध करने की मांग उठाई।कर्मचारियों ने गोल्डन कार्ड की असुविधाओं को तत्काल समाप्त करने, स्थानांतरण अधिनियम की कठिनाइयों को लेकर बैठक करने, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (समूह ‘ख’) के दायित्वों संबंधी संशोधित शासनादेश जारी करने, कॉमन सेवा नियमावली लागू करने, समूह ‘ग’ कार्मिकों को गृह तहसील में तैनाती देने, पदोन्नति में संक्रमण काल समाप्त करने तथा सृजित पदों पर आउटसोर्सिंग नहीं किए जाने और इसके लिए स्पष्ट एसओपी जारी करने की मांग भी की।शुक्रवार सुबह 11 बजे से गांधी पार्क में जनपद के विभिन्न विभागों के सैकड़ों मिनिस्ट्रीयल कार्मिक एकत्र हुए। सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि संगठन की मांगें लंबे समय से लंबित हैं और इनके समाधान के लिए चरणबद्ध आंदोलन किया जा रहा है। उन्होंने शासन से 12 सूत्रीय मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई करने की अपील की।कार्यक्रम में कुमाऊं मंडल मंत्री पंकज जोशी, पर्वतीय कर्मचारी संगठन जिला मंत्री धीरेन्द्र पाठक,पुरानी पेंशन बहाली जिला अध्यक्ष गणेश भंडारी, कलेक्ट्रेट कार्यालय अध्यक्ष-मंत्री जगमोहन बिष्ट एवं भगवत सतवाल, विकास भवन अध्यक्ष-मंत्री भगवन्त रावत, स्वास्थ्य विभाग से हरीश जोशी एवं दीपक पाण्डे, सिंचाई विभाग से ललित जोशी एवं राकेश कुमार, वन विभाग से दिनेश तिवारी, परिवहन विभाग से रमेश चन्द्र तिवारी, लोक निर्माण विभाग से नवल पन्त एवं टी.एस. खोलिया, शंकर सिंह नायक, शिक्षा विभाग से पान सिंह मेर, मनोज सिंह मटियानी एवं दुर्गा सिंह नेगी, उद्यान विभाग से किशन सिंह बिष्ट तथा सेवायोजन कार्यालय से भुवनेश कांडपाल एवं हेमन्त पाण्डे सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे।सभा में सेवानिवृत्त पूर्व पदाधिकारियों चन्द्रमणि भट्ट,पान सिंह बोरा,जीवन तिवारी एवं मोहन कांडपाल ने भी संबोधित करते हुए आंदोलन को अपना समर्थन दिया।इस दौरान किशन सिंह बिष्ट,नारायण सिंह बिष्ट,पुष्प प्रकाश सिंह,हिमांशु पाण्डे, जगदीश सिंह बिष्ट,रेखा तिवारी,मंजुल पाठक,पंकज रस्तोगी,संजय कुमार लोहनी, नरेन्द्र कुमार आर्य,गौरीनाथ वर्मा,पूरन सिंह,चन्दन माथुरी, शैलेश यादव,दीपक तिवारी, अजीत रवा,डी एस नेगी, संदीप धपोला,गोपाल दत्त, लव प्रकाश,भगवती शर्मा, खुशी कुमारी,दीपक गिरी, पंकज कुमार जोशी,सन्तोष चन्द्र लखेड़ा,मनोज सिंह मटियानी,पान सिंह मेहर, क्षिति शर्मा,पद्मा देवी, दीपा कुमारी, गीता आर्या, दीपिका मिश्रा, आफरीन खान, हेमवती साह, पूनम मंजुल पुष्कर, माया तिवारी, पुष्पा कांडपाल, ललित मोहन लोहनी, देवेन्द्र पाण्डे, हरिन्द्र कुमार पाण्डे, गोविन्द सिंह अलमिया, गौरव तिवारी, मनोज कांडपाल, गोविन्द सिंह रावत, उमेश मिश्रा, दुर्गा सिंह नेगी, दीपक कुमार, दीपक सिंह बिष्ट, केदार सिंह बिष्ट, जगवत सिंह रावत, गौरव पाण्डे, नारायण दत्त, उमाकान्त, गोपाल सिंह कुंवर, नवल पन्त, दिनेश सिंह नेगी, गोपाल सिंह गुनवाल, वीरेन्द्र सिंह रावत, शशि किरण तिवारी, ललित सिंह राणा, शाहिद वर्मा, बलवन्त सिंह पयोनी, महेन्द्र सिंह बिष्ट, कृष्णा सिंह, मोहन सिंह किरौला, राजेन्द्र प्रसाद, पूरन सिंह भंडारी, राम चन्द्र पाण्डे, विक्रम रुहेला, महादेव तिवारी, संजय कांडपाल, करम सिंह रावत, संदीप सिंह बृजवाल, चन्द्र सिंह शाक्यानी, कविता रानी, मनीषा, विनीता, रश्मि देवी, बीना कनवाल, बबीता, हेमन्त सिंह, भास्कर पाण्डे, खुशाल सिंह, शंकर सिंह, टीका सिंह खोलिया, भीम सिंह लटवाल, पान सिंह, नन्दन सिंह, महेश पाण्डे, प्रमोद भंडारी, मोहित वर्मा, चन्द्रशेखर पाण्डे, हरीश चन्द्र जोशी, हिमांशु रावत, दीपक पाण्डे, मनीष तिवारी, राकेश भट्ट, प्रिया मल्ल, हर्षा बिष्ट, दीपा जोशी, मीना जोशी, जानकी कांडपाल, राजू लटवाल, प्रशान्त गैलाकोटी, विजय कनवाल, कमला आर्य, अभि जोशी, जगमोहन बोरा, धीरेन्द्र डसीला, बहादुर सिंह नेगी, तारा भंडारी, पुष्पा रावत, योगेश सिंह नेगी, जगदीश सिंह नेगी, रविन्द्र तिवारी, सुरेश नयाल, भगवत सतवाल, जगजीवन बिष्ट, देवेन्द्र सिंह बिष्ट, सागर बिष्ट, कुन्दन सिंह, मनोज कुमार पाण्डे, अब्दुल रहमान, अमित कुमार, भरत मेहरा, जीवनन्दन माथुरी, गौरव कुमार टम्टा, कमल कुमार आर्य, अजय सिंह, दीप चन्द्र तिवारी, हरीश सिंह पालरी, महेन्द्र सिंह, नीलम मेहरा, सरस्वती मेहरा, रमेश चन्द्र तिवारी, जाहिद, पृथ्वी मेहरा, प्रकाश चन्द्र तिवारी, ख़ाती अलमिया, मनोज कंडवाल, शशि मोहन पाण्डे, बीना अधिकारी, गीता वाल्मीकि, संजय कुमार, भुवनेश कांडपाल, पंकज कुमार कुलकंडिया, मनोज सिंह मेहरा, मोहित पाण्डे, हेमन्त पाण्डे, सुन्दर सिंह बिष्ट, देवराज सिंह, बाबू राम, भगवती देवरी, हिम्मत लोहनी, रमेश सिंह, निर्मल कुमार सहित बड़ी संख्या में मिनिस्ट्रीयल कर्मचारी मौजूद रहे।सभा की अध्यक्षता जनपद कार्यकारी अध्यक्ष ललित मोहन भट्ट ने की, जबकि संचालन महामंत्री महेन्द्र सिंह गुंसाई ने किया। प्रदर्शन में शामिल कर्मचारियों ने कहा कि मांगों के समाधान तक संगठन की ओर से निर्धारित चरणबद्ध आंदोलन जारी रहेगा।
