अल्मोड़ा-मनोविज्ञान विभाग सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय अल्मोड़ा द्वारा ‘हाउ टू मेंटेन योर मेंटल हेल्थ’ विषयक चार दिवसीय कार्यशाला जारी है।कार्यशाला के द्वितीय दिवस का शुभारंभ मनोविज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो0 मधुलता नयाल, विषय विशेषज्ञ डॉ0 वल्लरी कुकरेती, डॉ0 शेरिंग डोलकर, मनोविज्ञान विभाग की डॉ0 प्रीति टम्टा एवम डॉ0 रुचि कक्कड़ ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इसके पश्चात कार्यशाला द्वितीय दिवस में प्रथम सत्र में विश्वविद्यालय के शिक्षकों एवं द्वितीय सत्र में विश्वविद्यालय के कर्मचारियों को विषय विशेषज्ञ शेरिंग डोलकर,सहायक प्राध्यापिका, केंद्रीय विश्वविद्यालय, श्रीनगर गढ़वाल द्वारा भावनाओं की पहचान और स्वीकृति के चरण में प्रतिभागियों को उनकी भावनाओं को बेहतर समझने और व्यक्त करने के लिए विश्लेषणात्मक गतिविधियों के रूप में बेबल स्टोन का प्रयोग किया गया।इसके पश्चात माइंडफुलनेस तकनीकों का उपयोग करके वर्तमान क्षण में रहने का अनुभव कराया गया। तथा साथ ही साथ प्रोग्रेसिव मसल रिलैक्सेशन तकनीक के माध्यम से शरीर को विश्राम कराया गया।इसके पश्चात विषय विशेषज्ञ डॉ वल्लरी कुकरेती, सहायक प्राध्यापिका, राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, डोईवाला देहरादून, ने अगले चरण में, माइंडफुलनेस तकनीकी द्वारा शांत और आरामदायक परिस्थिति में बिना किसी विघ्न के ध्यान केंद्रित कराकर मानसिक विश्राम कराया गया। इसके पश्चात स्टोन रिचुअल्स तकनीक द्वारा अपने जीवन में ग्रेटिट्यूड प्रैक्टिस कराई गई। दोनों सत्रों के अंत में लाफिंग थैरेपी के द्वारा सत्रों का समापन करवाया गया।इस अवसर पर गीतम भट्ट, रजनीश जोशी ने संचालन किया और विभाग के डॉ प्रीति टम्टा, डॉ रुचि कक्कड़, डॉ सुनीता कश्यप, डॉ कविता सिजवाली,डॉ मीना, डॉ पूजा सहित शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों ने सहयोग दिया।कार्यक्रम में प्रो बीडीएस नेगी, डॉ मनोज बिष्ट, डॉ विजय बल्लभ, डॉ0 गौरव कर्नाटक सहित विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, शिक्षक, कर्मचारी, विद्यार्थी शामिल हुए।

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