अल्मोड़ा-ग्रीन हिल्स ट्रस्ट द्वारा जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से पर्यावरण चेतना को बढाने के लिए आज की पर्यावरण की पाठशाला कार्यक्रम का आयोजन पीएमश्री राजकीय बालिका इंटर कॉलेज अल्मोड़ा में किया गया।इससे पूर्व इस पाठशाला का आयोजन राजकीय इंटर कॉलेज हवलबाग,राजकीय इंटर कॉलेज स्यालीधर,ग्रीन फील्ड पब्लिक स्कूल,स्प्रिंग डेल्स पब्लिक स्कूल, शारदा पब्लिक स्कूल,गुरु अकेडमी, इंस्पिरेशन पब्लिक स्कूल,बीरशिबा इंटर कॉलेज में किया गया है।संस्था की सचिव डा वसुधा पन्त ने विद्यार्थियों को ग्लोबल वार्मिंग, जलवायु परिवर्तन के बारे में विस्तृत रूप से बताते हुए कहा इसके लिए मनुष्य का लालच ही जिम्मेदार है।यदि इससे हमें निबटना है तो हर व्यक्ति को और मुख्यतया हर विद्यार्थी को अपनी पर्यावरणीय चेतना को जागृत करना होगा और अपने हर कार्य /आदत की स्वयं समीक्षा करनी होगी ताकि वह अपने कार्बन फुट प्रिंट को कम कर सके।अपने उपभोग पर नियंत्रण करके ही हम जलवायु परिवर्तन की विभीषिका से बच सकते हैं।जलवायु परिवर्तन का सबसे बुरा प्रभाव भारत जैसे देशों पर ही पड़ेगा और सबसे ज्यादा प्रभावित हमारे जल स्रोत होंगे। प्रो जे एस रावत द्वारा कोसी नदी पर करी गई विस्तृत रिसर्च के मध्यम से सूखती कोसी एवं उसकी सहायक नदियों का उदाहरण देते हुए उन्होंने समझाया कि हमारे पहाड़ों पर तो इस जलवायु परिवर्तन का असर अभी से पड़ने लगा है जिसके कारण सदानीरा रहने वाली असंख्य नदियों का अस्तित्व संकट में आ चुका है।यह मरूस्थलीकरण के खतरे का आभास कराता है।इस संकट से निबटने के लिए ऊन्होने आह्वान किया कि हम अपने छोटे छोटे प्रयास करें और पर्यावरण संरक्षण में योगदान दे।इस पाठशाला में विद्यार्थियों का सक्रीय प्रतिभाग बहुत सराहनीय रहा।
