अल्मोड़ा-आज ग्रीन हिल्स संस्था की सचिव डाक्टर वसुधा पन्त ने प्रैस वार्ता की। उन्होंने कहा कि एक लम्बे एवं कठिन संघर्ष के बाद जिसमें एक अलग पर्वतीय राज्य के निर्माण की मांग का सपना था। दिनांक 9नश नवम्बर 2000 को उत्तरांचल राज्य का गठन हुआ था।पर्वतीय राज्य के निर्माण के समय से ही हर प्रदेशवासी की उपेक्षाओं में यह नव निर्मित राज्य सामंजस्य, पारिस्थितिकी एवं वित्तीय समृद्धि के प्रतीक एवं सूचक के रूप में उभरकर सामने आया। देवभूमि को सर्वोत्तम कार्य स्थली एवं निवास स्थली के रूप में विशिष्ट मान्यता एवं पहचान मिली। किन्तु की प्रत्यक्ष एवं परोक्ष कारणों से अपने गठन के दो दशकों बाद भी उत्तराखण्ड देवभूमि के राजस्व को मदिरा के प्रदेश के रूप में जाना जा रहा है एवं इसकी पहचान पर्यावरणीय एवं पारिस्थितिकीय अर्थव्यवस्था से इतर मदिरा राजस्व भूमि तक सिमटी एवं संकुचित हो गई।आज आजादी के इस अमृत महोत्सव के पावन वर्ष पर ग्रीन हिल्स संस्था समस्त मीडिया एवं देवभूमि की जनता को साथ लेकर ईकोलाजी के साथ इकोनामी के संकल्प से उत्तराखण्ड के सामाजिक उत्थान एवं पर्यावरणीय संरक्षण के लिए मीडिया की भूमिका विषय पर मीडिया की भूमिका को सलाह दी प्रदेश की कार्यकारिणी योजनाओं एवं नीति निदेशक तत्वों को अधिक गति एवम् सम्मान देने के उद्देश्य से दिनांक 9 अक्टूबर 2022 को राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन प्रातः 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक उदयशंकर नाट्य अकेडमी में किया जा रहा है।उन्होने कार्यक्रम में सभी लोगों से उपस्थित रहने की अपील की है। प्रैस वार्ता में डा० वसुधा पन्त,यूसुफ तिवारी,भावना जोशी, भूपेन्द्र वल्दिया,प्रीति पाण्डेय,बबीता पाण्डेय आदि मौजूद रहे।

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