दन्यां-रामलीला मंचन के दूसरे दिन यज्ञ की रक्षा के लिए राम और लक्ष्मण को लेने विश्वामित्र राजा दशरथ के पास गए। चौथेपन में पैदा हुए पुत्रों को बाल्यकाल में ही लड़ने के लिए भेजने में दशरथ को काफी दु:ख होता है। याचक बनकर आए विश्वामित्र के क्रोध में भड़कने का सुंदर अभिनय को देखकर दर्शक काफी प्रभावित हुए। दशरथ का सुंदर अभिनय वरिष्ठ कलाकार गोविंद बल्लभ पंत ने और विश्वामित्र का अभिनय रमेश जोशी ने किया। वशिष्ठ के समझाने पर राजा दशरथ ने दोनों भाइयों को विश्वामित्र के साथ भेजा। वहां राम ने मारीच, सुबाहु और ताड़िका का वध किया। ताड़िका का सुंदर अभिनय रोहित पंत ने किया। कार्यक्रम के दूसरे दिन की शुरूआत एसबीआई दन्यां के शाखा प्रबंधक शरद गुप्ता, डीसीबी के प्रबधक पंकज प्रकाश भट्ट, प्रधानाचार्य खान उमैर असगर और दीपक पांडे ने दीप प्रज्वलित कर किया। कमेटी के अध्यक्ष हरीश जोशी, व्यवस्थापक डीके जोशी, मनोज पंत, सचिव गोविंद जोशी, दिनेश भट्ट, कोषाध्यक्ष कैलाश जोशी, हरीश मलारा, कैलाश भट्ट, मोहन चंद्र पंत, मोहन चंद्र जोशी, संजीव कुमार, वृजभूषण पंत, रोहित पंत, कैलाश पंत, देश दीपक पंत, हरीश जोशी आदि ने मुख्य अतिथियों का स्वागत किया।

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