अल्मोड़ा-विगत कुछ सप्ताह से नगर के चीनाखान में आतंक का पर्याय बन चुका एक तेंदुआ आखिरकार आज वन विभाग के पिंजरे में फंस ही गया। आज प्रातः जब लोगों ने पिंजरे में तेंदुए के गुर्रराने की आवाज सुनी तो इसकी सूचना वन विभाग को दी।मौके पर वन विभाग की टीम पहुंची और तेंदुए को मय पिजड़े ले गई।इस अवसर पर पहुंचे सामाजिक कार्यकर्ता मनोज सनवाल ने कहा कि लंबे समय से यह तेंदुआ यहां पर आतंक का पर्याय बना था।आज जाकर यह पकड़ में आया है।लेकिन इसके साथ ही इस क्षेत्र में अभी एक से दो तेंदुए और हैं। इसलिए वन विभाग को यहां पुनः पिंजरा लगाना चाहिए जब तक कि अन्य तेंदुए भी पिंजरे में नहीं फंस जाते।स्थानीय निवासी डॉक्टर मनोज जोशी ने कहा कि यह तेंदुआ यहां पर आतंक का पर्याय बन चुका था। रामलीला के समय भी लोग यहां से निकलने में काफी घबराते थे।आज तेंदुआ पकड़ा गया है तो जनता को कुछ राहत मिली है लेकिन जब तक यहां के अन्य तेंदुए ना पकड़े जाएं तब तक यहां वन विभाग पिजड़ा लगाये। इस अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता मनोज सनवाल,प्रेम प्रकाश जोशी, निर्मल जोशी,डॉक्टर मनोज जोशी,वन विभाग के कर्मचारी एवं स्थानीय लोगों उपस्थित रहे।
