नैनीताल-एजुकेशनल मिनिस्ट्रीयल आफीसर्स एसोसिएशन कुमाऊं मण्डल नैनीताल द्वारा राइका टनकपुर के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी केदार दत्त जोशी को बिना जांच के निलंबित किए जाने पर गहरा रोष व्यक्त किया है व मुख्य शिक्षा अधिकारी चंपावत द्वारा वार्ता का समय देने के बाद भी वार्ता न किए जाने पर भी रोष व्यक्त किया गया।इससे चार पांच दिन चंपावत मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय में गतिरोध बना रहा।एडी कुमाऊं मण्डल नैनीताल अजय नौडियाल द्वारा वार्ता के माध्यम से गतिरोध दूर किया गया लेकिन सदस्यों को आशंका है कि पदाधिकारियों व सदस्यों के विरूद्ध विभाग द्वारा उत्पीड़न की कार्यवाही की जा सकती है।इस मामले में बृहस्पतिवार को एजुकेशनल मिनिस्ट्रीयल आफीसर्स एसोसिएशन कुमाऊं मण्डल नैनीताल के सचिव धीरेन्द्र कुमार पाठक द्वारा शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक शिक्षा श्रीमती वंदना गर्ब्याल व संयुक्त शिक्षा निदेशक रघुनाथ लाल आर्य से देहरादून में वार्ता की और ज्ञापन दिया।ज्ञापन में कहा गया है कि मुख्य शिक्षा अधिकारी के गलत फैसले के कारण जो गतिरोध उत्पन्न हुआ वह भविष्य में न हो तथा किसी भी कार्मिक के खिलाफ कोई कार्रवाई हुई तो कुमाऊं मण्डल आंदोलन को बाध्य होगा।वहीं दूसरी ओर बिना जांच के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी केदार दत्त जोशी को निलंबित किये जाने को बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण बताया।जांच में संगठन व संबंधित का पक्ष सुनने हेतु भी ज्ञापन सौंपा गया हैं और भविष्य में किसी भी कार्मिक को बिना जांच के निलंबन किए गया तो आंदोलन की कार्यवाही की जायेगी।श्री पाठक ने कहा कि एक्ट में सैनिक पृष्ठभूमि को ध्यान में रखकर पदोन्नति में लाभ दिया गया है लेकिन शहीद सैनिक की विधवा को कोई वरीयता नहीं दी गई जिससे उनमें रोष व्याप्त है।सामान्य विधुर व विधवा कार्मिक को भी वरीयता दिये जाने की आवश्यकता है।एक्ट में भी संशोधन की आवश्यकता है और अनुरोध और अनिवार्य स्थानांतरण में भी काउंसलिंग की आवश्यकता है।जहां जहां विसंगति हो रही है उसे समाप्त करने की आवश्यकता है।मंडल अध्यक्ष जगमोहन सिंह खाती द्वारा भी एक्ट में बदलाव लाने की आवश्यकता बताई गयी जिससे सदस्यों को एक्ट का वास्तविक लाभ मिल सके।भविष्य में किसी भी अधिकारी द्वारा वार्ता हेतु समय नहीं देने पर गतिरोध की सम्पूर्ण जिम्मेदारी उसी अधिकारी की होगी। समान नीति के आधार पर प्रकरणों का निस्तारण भी विभाग द्वारा किया जाना चाहिए।मुख्य प्रशासनिक अधिकारी का गजट नोटिफिकेशन कराना कार्य व उत्तरदायित्व का प्रख्यापन व आहरण वितरण अधिकार प्रदान करना व जो मुख्य प्रशासनिक अधिकारी अपने गृह जिले में जाना चाहते हैं उनके लिए नीति तैयार करना और भविष्य में काउंसलिंग में जिले के विकल्प को वैकल्पिक रखना चाहिए।उम्र के अंतिम पड़ाव में भी जिले से बाहर किया जाना व्यवहारिक नहीं है।सभी नवनियुक्त कार्मिकों को भी सीमैट में अनिवार्य रूप से प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए और जिला स्तरीय सामूहिक प्रशिक्षण भी शुरू करने की आवश्यकता है। ताकि बदलते समय के अनुसार सभी जानकारी प्राप्त हो।शिक्षा निदेशक प्रारम्भिक शिक्षा व संयुक्त शिक्षा निदेशक रघुनाथ लाल आर्य से मिलने वाले शिष्टमंडल में मंडलीय उपाध्यक्ष बलवीर सिंह भाकुनी व सचिव धीरेन्द्र कुमार पाठक सचिव शामिल रहे।

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