अल्मोड़ा-दीपावली का पर्व केवल दीप जलाने और खुशियां मनाने का त्योहार नहीं है बल्कि यह आपसी प्रेम,सद्भाव,सम्मान और सामाजिक समरसता का संदेश भी देता है।इसी भावना को आत्मसात करते हुए भाजपा नेता एवं पूर्व दर्जा राज्यमंत्री बिट्टू कर्नाटक ने दीपावली के पावन अवसर पर वरिष्ठ नागरिकों को सम्मानित कर उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।इस अवसर पर उन्होंने बुजुर्गों का आशीर्वाद प्राप्त किया और उनके जीवनभर के योगदान को समाज की अमूल्य धरोहर बताया।कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ नागरिकों के प्रति सम्मान और आत्मीयता का भाव देखने को मिला।बिट्टू कर्नाटक ने वरिष्ठजनों को सम्मानित करते हुए कहा कि किसी भी परिवार,समाज और राष्ट्र की मजबूत नींव उसके बुजुर्गों के त्याग,तपस्या, अनुभव और संस्कारों पर टिकी होती है।आज हम जिस सामाजिक व्यवस्था, सांस्कृतिक विरासत और जीवन मूल्यों पर गर्व करते हैं, उसके निर्माण में हमारे वरिष्ठ नागरिकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।उन्होंने अपने जीवन का बड़ा हिस्सा परिवार,समाज और आने वाली पीढ़ियों के बेहतर भविष्य के निर्माण में समर्पित किया है।ऐसे में उनका सम्मान करना केवल एक औपचारिकता नहीं,बल्कि प्रत्येक व्यक्ति का नैतिक और सामाजिक दायित्व है।उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिक अपने जीवन के अनुभवों के माध्यम से समाज को सही दिशा दिखाने का कार्य करते हैं।उनके अनुभवों में संघर्षों की सीख,जीवन की समझ और आने वाली पीढ़ियों के लिए अनगिनत प्रेरणाएं छिपी होती हैं।आज के बदलते सामाजिक परिवेश में जहां नई पीढ़ी आधुनिकता की ओर तेजी से बढ़ रही है, वहीं उसे अपने बुजुर्गों के अनुभवों,संस्कारों और परंपराओं से जुड़े रहना भी बेहद आवश्यक है।जिस समाज में बुजुर्गों का सम्मान होता है,वहां संस्कार, पारिवारिक एकता और सामाजिक समरसता हमेशा मजबूत बनी रहती है।
बिट्टू कर्नाटक ने कहा कि दीपावली हमें अंधकार से प्रकाश की ओर बढ़ने का संदेश देती है।ऐसे पावन अवसर पर समाज के उन लोगों को सम्मान देना, जिन्होंने अपना संपूर्ण जीवन समाज और परिवार के निर्माण में लगाया है, दीपावली की खुशियों को और अधिक सार्थक बनाता है। बुजुर्गों के चेहरे पर मुस्कान लाना,उनके साथ समय बिताना और उनका आशीर्वाद प्राप्त करना किसी भी उत्सव की सबसे बड़ी खुशी हो सकती है।उन्होंने कहा कि समाज में वरिष्ठ नागरिकों को केवल विशेष अवसरों पर ही नहीं,बल्कि प्रतिदिन सम्मान, स्नेह और सहयोग मिलना चाहिए।इस अवसर पर समाज की ओर से भी वरिष्ठ नागरिकों के योगदान को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा गया कि बुजुर्ग किसी भी समाज की जीवंत विरासत होते हैं। उन्होंने अपने जीवन में अनेक कठिन परिस्थितियों का सामना करते हुए परिवारों को आगे बढ़ाया, सामाजिक परंपराओं को जीवित रखा और समाज को एकजुट रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके संघर्षों और अनुभवों के कारण ही आज नई पीढ़ी को बेहतर अवसर और मजबूत सामाजिक आधार प्राप्त हुआ है।वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान और उनके प्रति संवेदनशीलता की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है। बदलती जीवनशैली और व्यस्त दिनचर्या के बीच कई बार बुजुर्गों को वह समय और अपनापन नहीं मिल पाता, जिसके वे वास्तविक रूप से हकदार हैं। ऐसे में इस प्रकार के सम्मान कार्यक्रम समाज को एक सकारात्मक संदेश देते हैं और लोगों को अपने बुजुर्गों के प्रति जिम्मेदारियों का एहसास कराते हैं।
उन्होंने कहा कि बुजुर्गों का आशीर्वाद किसी भी व्यक्ति के जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। उनके मार्गदर्शन से कठिन परिस्थितियों में भी सही निर्णय लेने की प्रेरणा मिलती है। नई पीढ़ी को चाहिए कि वह अपने वरिष्ठजनों के अनुभवों को सुने, उनसे सीखे और उनके सम्मान को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाए।बिट्टू कर्नाटक ने कहा कि त्योहारों की वास्तविक खुशी तभी है, जब समाज के प्रत्येक वर्ग तक खुशियां और सम्मान पहुंचे। दीपावली जैसे पर्व पर जरूरतमंदों की सहायता करने, वरिष्ठजनों का सम्मान करने और समाज में आपसी भाईचारे को मजबूत बनाने जैसे प्रयासों से त्योहार का महत्व कई गुना बढ़ जाता है। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि वे अपने परिवार और आसपास रहने वाले बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें तथा उनके सुख-दुख में सहभागी बनें।उन्होंने कहा कि समाज के विकास की कल्पना वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान और सहभागिता के बिना अधूरी है। उनका अनुभव युवाओं के लिए मार्गदर्शक है और उनका आशीर्वाद समाज के लिए सकारात्मक ऊर्जा का स्रोत है। वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान की यह परंपरा निरंतर आगे बढ़नी चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी सेवा, समर्पण और सम्मान के इन मूल्यों को अपने जीवन में अपनाएं।कार्यक्रम ने दीपावली के पर्व को सामाजिक सम्मान, पारिवारिक एकता और पीढ़ियों के बीच आत्मीय संबंधों का संदेश देने वाला अवसर बना दिया।वरिष्ठ नागरिकों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए प्रसन्नता व्यक्त की और समाज में इसी प्रकार प्रेम, सद्भाव तथा आपसी सम्मान की भावना बनाए रखने का संदेश दिया।अंत में बिट्टू कर्नाटक ने सभी वरिष्ठ नागरिकों के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और सुखमय जीवन की कामना करते हुए कहा कि बुजुर्गों का आशीर्वाद सदैव समाज और नई पीढ़ी का मार्ग प्रशस्त करता रहे। इस अवसर पर लीलाधर कांडपाल,पूरन चन्द तिवारी,एम.डी.कांडपाल, रमेश चंद्र जोशी,जगदीश चन्द्र तिवारी, भुवन चन्द्र कर्नाटक, मोहन चन्द्र काण्डपाल, नारायण दत्त तिवारी,भूपेन्द्र सिंह बिष्ट,आनन्द सिंह नयाल, दिनेश मठपाल,देवेन्द्र कर्नाटक,दीपक पाण्डे,
हेम पाण्डे,हिमांशु काण्डपाल, दीप जोशी,अशोक वनकोटी,गीता मठपाल,ममता कपूर,कोमल जोशी,मिनाक्षी जोशी,योगेश जोशी,अरशद अंसारी,सन्तोष कुमार,कमल जोशी,हेम जोशी,प्रकाश मेहता आदि उपस्थित रहे।

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