अल्मोड़ा-हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद रैली स्थल पर कथित रूप से गंगाजल छिड़ककर एवं यज्ञ कर शुद्धीकरण किए जाने के विरोध में शुक्रवार को जिला कांग्रेस कमेटी अल्मोड़ा ने भारी बारिश के बीच बाबा साहेब डॉ भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के समक्ष सत्याग्रह एवं विरोध प्रदर्शन किया।भारी बारिश के बीच आयोजित सत्याग्रह में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कथित घटना को सामाजिक समरसता, संविधान की मूल भावना और लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध बताते हुए अपना विरोध दर्ज कराया।सत्याग्रह का नेतृत्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष भूपेन्द्र सिंह भोज ने किया।इस दौरान कार्यकर्ताओं ने संविधान जिंदाबाद,बाबा साहेब अमर रहें और सामाजिक समानता जिंदाबाद के नारे लगाते हुए जातिगत भेदभाव और सामाजिक अपमान की मानसिकता के खिलाफ आवाज बुलंद की।कांग्रेस जिलाध्यक्ष भूपेन्द्र सिंह भोज ने कहा कि भारत का संविधान प्रत्येक नागरिक को समानता,सम्मान और गरिमा के साथ जीवन जीने का अधिकार देता है।बाबा साहेब डॉ. भीमराव ने अपना पूरा जीवन जातिगत भेदभाव और छुआछूत जैसी सामाजिक बुराइयों के खिलाफ संघर्ष करते हुए देश को समानता और सामाजिक न्याय का रास्ता दिखाया।उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति की जाति या सामाजिक पृष्ठभूमि के आधार पर किसी कार्यक्रम स्थल को ‘अपवित्र’ मानना और उसके बाद उसका कथित रूप से शुद्धीकरण करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण मानसिकता का परिचायक है।लोकतंत्र में राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं,लेकिन किसी नेता अथवा नागरिक की सामाजिक पहचान के आधार पर उसका अपमान स्वीकार नहीं किया जा सकता।भोज ने कहा कि मल्लिकार्जुन खड़गे देश के वरिष्ठ राजनेता और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं।उनके कार्यक्रम के बाद इस प्रकार की कथित कार्रवाई केवल एक व्यक्ति का अपमान नहीं,बल्कि संविधान की उस भावना पर भी सवाल खड़ा करती है जो सभी नागरिकों को समान अधिकार और सम्मान प्रदान करती है।विधायक मनोज तिवारी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस प्रकार की विभाजनकारी और भेदभावपूर्ण सोच के खिलाफ हमेशा मजबूती से खड़ी रही है और आगे भी खड़ी रहेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस का संघर्ष किसी धर्म या आस्था के खिलाफ नहीं, बल्कि जाति के आधार पर भेदभाव और सामाजिक अपमान की मानसिकता के खिलाफ है।उन्होंने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा के समक्ष सत्याग्रह का उद्देश्य देश और समाज को यह संदेश देना है कि संविधान सर्वोपरि है और भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था में हर नागरिक की गरिमा समान है।आज आवश्यकता समाज को जोड़ने वाली राजनीति को मजबूत करने की है न कि जाति और भेदभाव की दीवारें खड़ी करने की।विधायक तिवारी ने भाजपा से सवाल करते हुए कहा कि उसे स्पष्ट करना चाहिए कि क्या वह इस प्रकार की कथित ‘शुद्धीकरण’ की राजनीति और सामाजिक भेदभाव की मानसिकता का समर्थन करती है। कांग्रेस ने मांग की कि घटना के लिए जिम्मेदार लोगों को सार्वजनिक रूप से अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए और समाज में गलत संदेश देने वाली ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए।सत्याग्रह में पूर्व पालिकाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी, नगर अध्यक्ष तारा चन्द्र जोशी,आनंद सिंह बिष्ट, महिला जिलाध्यक्ष राधा बिष्ट, पी सी सी सचिव दीप डांगी,अरविंद रौतेला,जगदीश तिवारी,केशव दत्त पांडे,तारा चन्द्र साह,गोपाल सिंह,चंदन सिंह भोज,बचीराम,अम्बीराम आर्य,हरिराम आर्य,तारा तिवारी,किरण आर्य, जिला सचिव गीता मेहरा,जया जोशी,गीता पांडेय,राधा तिवारी,फेमिना खान, पारितोष जोशी,बिशन सिंह बिष्ट,एन.डी. पाण्डेय,नवीन कोहली,दिनेश पाण्डेय, नरेंद्र सिंह अधिकारी, जिला प्रवक्ता निर्मल रावत,प्रताप राम, भुवन गहरवाल,नाथ सिंह धानक,पारस नाथ, पार्षद मुकेश कुमार डैनी,देव सिंह भोजक,नरेश बाराकोटी, अशोक गोस्वामी, पूर्व दर्जा मंत्री पूरन रौतेला,मनोज वर्मा,कार्तिक साह,हेम आर्य, आनंद कनवाल,हेम चंद्र तिवारी,मुकेश नेगी,विकास कुमार,दिनेश पिलख्वाल, पार्षद दीपक कुमार,मयंक बिष्ट,दीपेश कांडपाल,हिमांशु कांडपाल,जितेंद्र सिंह अधिकारी, पार्षद वैभव पांडे, दिनेश पांडे,निजाम कुरैशी, घनश्याम गुरुरानी,गौरव बर्मा, पंकज पॉल मेसी और इसरार अहमद सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
सत्याग्रह के समापन पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष भूपेन्द्र सिंह भोज ने कहा कि कांग्रेस बाबा साहेब डॉ. आंबेडकर के संविधान,सामाजिक न्याय और समानता के विचारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक भारत में किसी भी व्यक्ति को उसकी जाति के कारण अपमानित करने की मानसिकता के लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए।

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