

अल्मोड़ा-युवतियों की फोटो, स्क्रीनशॉट और अन्य आपत्तिजनक डिजिटल सामग्री से जुड़े मामले में बजरंग दल अल्मोड़ा ने मंगलवार को उपजिलाधिकारी के माध्यम से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन भेजकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। संगठन ने संबंधित मोबाइल फोन की साइबर सेल और फॉरेंसिक विशेषज्ञों के माध्यम से वैज्ञानिक जांच कराने की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि मोबाइल में उपलब्ध फोटो, स्क्रीनशॉट, चैट, सोशल मीडिया अकाउंट, कॉल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल सामग्री की विधि के अनुसार जांच की जाए। इसके साथ ही यह पता लगाया जाए कि उक्त सामग्री कहां से प्राप्त हुई, किसके साथ साझा की गई और उसका उपयोग किस उद्देश्य से किया गया। बजरंग दल ने मांग की कि यदि जांच में किसी युवती को ब्लैकमेल करने, धमकी देने, दबाव बनाने अथवा किसी अन्य प्रकार से प्रताड़ित करने के प्रमाण सामने आते हैं तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाए। यदि किसी अन्य व्यक्ति या संगठित नेटवर्क की संलिप्तता सामने आती है तो उसकी भी निष्पक्ष जांच की जाए। ज्ञापन में यह भी कहा गया कि पूरे मामले की जांच जाति, धर्म अथवा समुदाय के पक्ष या विपक्ष में किसी पूर्वाग्रह के बिना की जाए तथा संबंधित युवतियों की पहचान और निजता की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। बजरंग दल ने प्रशासन से कहा कि मामला महिलाओं की सुरक्षा और समाज की सुरक्षा से जुड़ा संवेदनशील विषय है, इसलिए जांच में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि पर्याप्त साक्ष्य उपलब्ध होने के बावजूद निष्पक्ष एवं उचित कार्रवाई नहीं की जाती है तो बजरंग दल लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से जनजागरूकता अभियान चलाने के साथ जिलेभर में आंदोलन करेगा। ज्ञापन सौंपने वालों में प्रांत गौरक्षा प्रमुख बजरंग दल एवं अधिवक्ता विजय सिंह सिराड़ी, जिला सह संयोजक वैभव जोशी, बजरंग दल के पूर्व जिला संयोजक संजय भट्ट, जिला गौरक्षा प्रमुख मुन्ना बिष्ट, पार्षद जगमोहन बिष्ट, छात्र संघ उपाध्यक्ष भास्कर जोशी, इंदर गोस्वामी, गौरव सनवाल, विजय कुमार, गौरव भट्ट, प्रियांशु डालाकोटी, पवन नैनवाल, सुशील पांडे, वीरेंद्र जोशी, सुमित रावल, प्रियांशु और गुणवंत सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
