अल्मोड़ा-अल्मोड़ा के मंजुलेश्वर पंडा ने इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी इंदौर के डिपार्टमेंट ऑफ एस्ट्रोफिजिक्स,एस्ट्रोनॉमी एंड स्पेस इंजीनियरिंग (दासे) से एस्ट्रोफिजिक्स ब्रांच में राडार पोलरिमेट्री एंड इंटेरफेरोमेट्री विषय पर 8 सप्ताह तक शोध प्रशिक्षु (रिमोट) के तौर पर प्रो. डॉ यू. जी. के निर्देशन में काम करने के पश्चात सफलतापूर्वक शोध प्रशिक्षुता हासिल की है।इस रिसर्च प्रोजेक्ट में उन्होंने एक सक्रिय सिंथेटिक एपर्चर रडार में पोलारिमेट्री और इंटरफेरोमेट्री तकनीक,ईएम वेव पोलराइजेशन, पोलसार विश्लेषण,अंतरिक्ष जनित सेंसर का अवलोकन (सीसैट: नासा / जेपीएल,शटल स्थलाकृतिक मिशन, ईआरएस -2: यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी) और पोलसर प्रो पर काम किया।इसके अतिरिक्त अतिरिक्त इसी वर्ष उन्होंने भारतीय सुदूर संवेदन संस्थान- भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्था {Indian institute of remote sensing (IIRS) – Indian space research organisation (ISRO)} से ओवरव्यू ऑफ़ ग्लोबल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम,प्लैनेटरी एक्सप्लोरेशन ऑफ़ द मून एंड मार्स, बेसिक्स ऑफ़ जियो कंप्यूटेशन एंड जियो वैब सर्विसेज, जियोस्पेशल एप्लीकेशंस फॉर इकोसिस्टम एनालिसिस,मशीन लर्निंग टू डीप लर्निंग: अ जर्नी फॉर रिमोट सेंसिंग डाटा क्लासिफिकेशन एंड डिटेक्शन विषय पर शोध पाठ्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए सफलतापूर्वक सर्टिफिकेशन हासिल किया है।जून 2022 में वे आई. आई. टी. मद्रास से कंप्यूटर प्रोग्रामिंग लैंग्वेज पाइथन में भी सर्टिफिकेशन प्राप्त कर चुके हैं।अब वे फिजिक्स के एस्ट्रोनॉमी विषय में विश्व के अग्रणी संस्थानों से शोध करना चाहते हैं।मंजुलेश्वर पंडा ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा विवेकानंद इंटर कॉलेज अल्मोड़ा से और स्नातक नेचरल साइंस में एवं परस्नातक फिजिक्स विषय में प्रथम श्रेणी के साथ कुमाऊं विश्वविद्यालय से प्राप्त की है।मंजुलेश्वर के पिता रामदत्त पंडा शिक्षा विभाग में हिंदी विषय में प्राध्यापक (माध्यमिक शिक्षा) पद से सेवानिवृत एवम माता श्रीमती सरस्वती पंडा गृहिणी हैं।उनके बड़े भाई उच्च शिक्षा विभाग में फिजिक्स विषय के असिटेंट प्रोफ़ेसर के पद पर तैनात हैं।उनकी इस उपलब्धि पर उनके शोध प्रोफेसर,एकेडमिक प्रोफेसर डॉ वाई. चंद्रा,तायाजी डॉ बी. डी. पंडा,परिवारजन,विवेकानंद विद्यालय परिवार,भौतिक विज्ञान विभाग कुमाऊं विश्वविद्यालय एवं सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय,ई. एम. एस. इंस्टीट्यूट तथा कैरियर एंडेवर संस्थान नई दिल्ली ने प्रसन्नता जाहिर कर उज्जवल भविष्य की कामना की है।वर्तमान में वे आई. आई. टी. कानपुर से सी. सी. ई. प्रोग्राम के तहत रिमोट प्रतिभागी के तौर पर क्लासिकल इलैक्ट्रोमैग्नेटिज्म (Classical Electromagnetism) विषय पर अध्यनरत हैं।वे स्टीफेन हॉकिंग्स,कार्ल सेगन,नील डिग्रास टाइसन को अपना प्रेरणास्रोत मानते हैं।
