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अल्मोड़ा- बागेश्वर के युवा अधिवक्ता धीरेंद्र परिहार की हत्या के मामले में जिला बार एसोसिएशन अल्मोड़ा ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को जिलाधिकारी के माध्यम से तीन सूत्री ज्ञापन भेजा है। एसोसिएशन ने मामले में लापरवाही बरतने वाले पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, मृतक के परिवार को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता तथा प्रदेश में एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट जल्द लागू करने की मांग की है।ज्ञापन में कहा गया है कि जिला बार एसोसिएशन बागेश्वर में पंजीकृत युवा अधिवक्ता धीरेंद्र परिहार 17 अक्टूबर 2026 से लापता थे। परिजनों ने उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट पुलिस में दर्ज कराई थी। आरोप है कि पुलिस ने अधिवक्ता की तलाश में लापरवाही बरती और गंभीरता से खोजबीन नहीं की। अधिवक्ताओं की ओर से आंदोलन और धरना देकर दबाव बनाए जाने के बाद पुलिस ने 3 नवंबर 2026 को उनका शव बरामद किया।जिला बार एसोसिएशन अल्मोड़ा ने इस मामले में पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली की निंदा करते हुए कहा कि लापता व्यक्ति की तलाश में इतने दिनों तक हुई लापरवाही गंभीर मामला है। एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री से जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की है।ज्ञापन में मृतक अधिवक्ता के परिवार को मुख्यमंत्री राहत कोष से 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की मांग भी उठाई गई है। एसोसिएशन का कहना है कि आए दिन अधिवक्ताओं के प्रति अपराधों में बढ़ोतरी हो रही है। ऐसे में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए उत्तराखंड में एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट जल्द लागू किया जाना आवश्यक है। ज्ञापन देने वालों में बार एसोसिएशन अध्यक्ष गजेंद्र मेहता, उपाध्यक्ष कुंदन सिंह लटवाल, सचिव विनोद फुलारा, कोषाध्यक्ष रमाशंकर नैनवाल,दीक्षित जोशी,महिला उपाध्यक्ष विभा पांडे, उप सचिव चंदन सिंह बगड़वाल, भोले शंकर जोशी, दीप जोशी, नवल किशोर जोशी, शंकर कुमार, विवेक तिवारी, विक्रांत रामचंद्र बखतावर, नारायण सिंह जीना, सुनील कुमार ग्वाल और अमित बिष्ट आदि शामिल रहे।
