









अल्मोड़ा-उत्तराखंड के चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ. आशुतोष सयाना ने सोमवार को सोबन सिंह जीना राजकीय आयुर्विज्ञान एवं शोध संस्थान और इससे संबद्ध बेस चिकित्सालय का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल में मरीजों को मिल रही सुविधाओं, चिकित्सा व्यवस्थाओं और संस्थान में चल रहे निर्माण कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्था को व्यवस्थाओं में सुधार लाने तथा अधूरे निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान डॉ. सयाना ने अस्पताल में भर्ती मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने रक्त कोष की व्यवस्थाओं में सुधार करने और मरीजों को जरूरत के समय रक्त उपलब्ध कराने की व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। इसके साथ ही दूरदराज के क्षेत्रों से उपचार के लिए आने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों की सुविधा को देखते हुए अस्पताल परिसर में रैन बसेरे की व्यवस्था करने को कहा। उन्होंने परिसर में वाहनों की पार्किंग को व्यवस्थित करने पर भी जोर दिया, ताकि मरीजों और तीमारदारों को आवागमन में परेशानी न हो। डॉ. सयाना ने अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज में अन्य मेडिकल कॉलेजों की तर्ज पर रिसर्च विंग स्थापित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि इससे संस्थान के फैकल्टी सदस्यों और विद्यार्थियों को शोध कार्यों में सहयोग मिल सकेगा। रिसर्च विंग की स्थापना से चिकित्सा शिक्षा और शोध गतिविधियों को प्रोत्साहन देने में मदद मिलेगी। इस दौरान चिकित्सा शिक्षा निदेशक ने मेडिकल कॉलेज के विद्यार्थियों के साथ संवाद भी किया। उन्होंने विद्यार्थियों को रिसर्च वर्क के महत्व के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि शोध कार्य केवल अकादमिक गतिविधि तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे विद्यार्थियों के ज्ञान और व्यक्तित्व के विकास में भी मदद मिलती है। संस्थान के साथ जुड़कर शोध कार्य करने से विद्यार्थियों को सीखने और स्वयं को विकसित करने के अवसर मिलते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को चिकित्सा शिक्षा के साथ शोध गतिविधियों में भी रुचि लेने के लिए प्रेरित किया। निरीक्षण के दौरान संस्थान में चल रहे निर्माण कार्यों और अधूरे पड़े कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। डॉ. सयाना ने कार्यदायी संस्था को निर्माण कार्यों में तेजी लाने और लंबित कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि संस्थान में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी सुविधाओं का बेहतर संचालन हो सके। निरीक्षण के दौरान मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. जीएस तितियाल, डॉ. आशीष जोशी, नोडल अधिकारी डॉ. अनिल पांडे सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
